चित्रकूट। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऑडिटोरियम की छत गिरने के डेढ़ माह बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने नौ जून को हुई इस घटना के बाद जांच कमेटी गठित की थी। लोगों ने निर्माण में गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। वहीं जिम्मेदारों का कहना है कि नोटिस के बाद भी कार्यदायी संस्था ने अभी अपना जवाब नहीं दिया है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऑडिटोरियम का निर्माण वर्ष 2023 में 5.98 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था। इसमें भवन, कुर्सी, पेंटिंग और बाउंड्री वॉल पर 4.21 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। विद्युतीकरण, एसी और अन्य उपकरणों पर 1.77 करोड़ रुपये लगे थे। लोगों ने कई बार इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। ऑडिटोरियम की छत नौ जून की शाम 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई आंधी में ढह गई। छत गिरने से कुर्सियां और एसी सहित कई सामग्री खराब हो गई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। लोगों ने निर्माण सामग्री को मानक विहीन बताते हुए कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम पर फिर से आरोप लगाए थे। जिलाधिकारी ने एडीएम स्वप्निल यादव की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई थी। कमेटी को पहले सात दिन का समय मिला था। बाद में 15 दिन और फिर 10 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया। इसके बावजूद अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। कार्यदायी संस्था ने भी नोटिस का जवाब नहीं दिया है। मरम्मत का काम भी पूरा नहीं हो सका है।