कचहरी परिसर में जानकारी देता ट्रक मालिक और मौजूद हृयूमन राइट्स लॉ नेटवर्क के जिला संयोजक रूद्र प्रसाद मिश्रा।
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गिट्टी व बालू लदे वाहनों से अवैध वसूली की शिकायतें अक्सर होती हैं, लेकिन इस बार एक ट्रक मालिक ने नायब तहसीलदार पर बालू लदे ट्रक को छोड़ने पर तीस हजार रुपये लेने का आडियो क्लिप डीएम को सौंपा है। डीएम ने इसकी जांच का आदेश दिया है। ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क ने ट्रक मालिक के साथ थाने में भी तहरीर दी। वहीं नायब तहसीलदार ने आरोपों को गलत बताया है।
सेमरदहा निवासी ट्रक मालिक राममिलन ने बुधवार को डीएम को आडियो क्लिप देकर आरोप लगाया कि मानिकपुर नायब तहसीलदार उसके ट्रक के संचालन में अड़चन डाल रहे हैं। 23 व 24 मई को हुई घटना का जिक्र करते हुए बताया कि ट्रक से बालू ढोने के लिए सुविधा शुल्क की मांग की जा रही थी।
इसी दौरान कबरई से कौशांबी बालू लेकर जा रहे उनके ट्रक को नायब तहसीलदार ने रात लगभग 11 बजे रोक लिया और चालक से तीस हजार की मांग की। बाद में उन्होंने नायब तहसीलदार से मोबाइल पर बात की और उनके बताए स्थान पर पहुंचकर सुविधा शुल्क देकर ट्रक छुड़ाया।
इसके बाद नायब तहसीलदार ने एक माह तक इस मार्ग से ट्रक संचालन कराने को कहा। जिसकी आडियो रिकार्डिंग मौजूद है। डीएम मोनिका रानी ने बहिलपुरवा थानाध्यक्ष को इसकी जांच करने को कहा है।
इसी मामले में ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क के जिला संयोजक रूद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि आडियो रिकार्डिंग से स्पष्ट है कि नायब तहसीलदार ने ट्रक मालिक को परेशान कर वसूली की है। इस बारे में नायब तहसीलदार राजेश कुमार ने बताया कि किसी से सुविधा शुल्क नहीं लिया गया है।
क्षेत्र में अवैध ओवर लोडिंग रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। जिससे कुछ ट्रक मालिक नाराज हैं। उक्त मालिक का जब ट्रक रोका गया तो कोई रवन्ना व अन्य कागजात नहीं थे। उसने मां की बीमारी का बहाना बनाकर ट्रक छुड़वाया और फिर कागज लेकर नहीं आया।