विद्युत पोल पर चढ़कर हाईटेंशन लाइन दुरुस्त कर रहा लाइनमैन करंट की चपेट में आकर नीचे जा गिरा। जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी होते ही सैकड़ों ग्रामीण और मृतक के परिजनों ने विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया।
विभाग के संविदा कर्मी भी मौके पर पहुंचे और कार्य बहिष्कार कर जेई और एसएसओ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। सूचना पर पहुंचे एसडीएम व सीओ ने लोगों को समझाकर शांत कराया और तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए।
रानीपुर भट्ट फीडर से शिवरामपुर क्षेत्र वाली हाईटेंशन लाइन में मंगलवार रात को फाल्ट हो गया था। जिससे आपूर्ति बंद थी। बुधवार सुबह लगभग पांच बजे जेई राजेंद्र राजपूत ने लाइनमैन नरेंद्र सिंह पटेल (34) पुत्र बाबूलाल निवासी अमानपुर और राकेश पुत्र राधेश्याम को बुलाया और बेड़ी पुलिया डिग्री कालेज के सामने विद्युत पोल पर चढ़कर लाइन दुरुस्त करने को कहा। इसके बाद पावर हाउस से शट डाउन लिया गया था।
एक पोल पर नरेंद्र जैसे ही चढ़ा तो एचटी लाइन चालू होने के कारण उसे करंट लगा और वह नीचे जा गिरा। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह देखकर साथी लाइनमैन राकेश ने विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों व नरेंद्र के परिजनों को सूचना दी।
लाइनमैन की हालत देखकर संविदा कर्मियों ने विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्य बहिष्कार करने की घोषणा कर दी। इसी दौरान आए मृतक के परिजनों ने जेई और एसएसओ को दोषी ठहराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।
थोड़ी देर बाद सभी ने हाईवे पर लगभग दस मिनट तक जाम लगा दिया। सूचना पर एसडीएम रजनीश मिश्रा, अधिशाषी अभियंता विद्युत राजमणि विश्वकर्मा, सीओ राजेश तिवारी, नायब तहसीलदार हर्षवर्धन कुमार व कोतवाल रनवीर सिंह मौके पर पहुंचे और सभी को समझाकर जाम हटवाया। सीओ ने बताया कि मृतक के भाई राम विलास की तहरीर पर जेई राजेंद्र राजपूत और एसएसओ शिवनारायण मिश्रा के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
मिले पांच लाख मुआवजा
लाइनमैन की मौत पर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे कर्मचारी संघ के मंडलीय मंत्री रामलाल पाल व अन्य कर्मचारियों ने कहा कि हर बार संविदा कर्मी अधिकारियों की लापरवाही का शिकार होते हैं। मृतक के परिजनों को पांच लाख का मुआवजा मिलना चाहिए। इसके लिए संगठन आंदोलन करेगा। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती है तब तक कार्य बहिष्कार रहेगा।