शिक्षामित्र संघर्ष समिति की बैठक शुक्रवार को तुलसी पार्क में हुई। इसे डेरा डालो घेरा डालो नाम देकर तय किया गया कि जब तक उनकी सहायक अध्यापक पद पर बहाली नहीं होती संघर्ष जारी रहेगा। वहां पहुंचे सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा ने आश्वासन दिया कि वह शिक्षामित्रों के प्रतिनिधि की हैसियत से राज्य और केंद्र सरकार से वार्ता कर उन्हें हक दिलवाएंगे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि शनिवार को जिले के सभी शिक्षामित्र काली पट्टी बांधकर विद्यालयों में जाकर शिक्षण कार्य का बहिष्कार करेंगे। शहर के मुख्य मार्गों से कैंडल मार्च निकाला जाएगा। संघर्ष समिति के संरक्षक अखिलेश पांडे और कमलेश पांडे उर्फ बराती लाल ने शिक्षामित्रों के आंदोलन को सफल बनाने के लिए सहयोग की बात कही। सर्वेश यादव ने कहा कि स्नातक, दूरस्थ बीटीसी प्रशिक्षित और 15 वर्षों तक प्राथमिक शिक्षा में सेवा देने वाले शिक्षामित्रों को अयोग्य कहना क्या उचित है।
अमरावती ने कहा कि जब तक शिक्षामित्रों को पुन: सहायक अध्यापक के पद पर नहीं लगाया जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा। भाऊराम पटेल ने भी यही बात कही। इंद्रसेन यादव ने बकाया मानदेय के लिए भी संघर्ष करने पर जोर दिया। वहीं बैठक के दौरान पहुंचे सांसद भैरों प्रसाद ने शिक्षामित्रों को उनका हक दिलवाने का भरोसा दिया। मौके पर रामप्रताप भदौरिया, नीता करवरिया, विनोद त्रिपाठी, ललक पांडे, विनय शुक्ला, अजीत सिंह, सुनील नवोदित, प्रदीप यादव आदि मौजूद रहे।