समायोजन से वंचित शिक्षामित्रों ने मंगलवार से बीएसए कार्यालय के समक्ष क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने बीएसए पर मनमानी करने का आरोप लगाया। कहा कि जब तक उन लोगों को नियुक्ति पत्र नहीं मिल जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
अनशन पर बैठे शिक्षामित्रों से दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष इंद्रसेन यादव ने कहा कि वे सरकार की व्यवस्था के तहत ही बीएसए से पदोन्नति के सापेक्ष रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। महिला प्रकोष्ठ प्रभारी अमरावती गौतम ने कहा कि बीएसए शिक्षामित्रों की जायज मांगों की भी अनसुनी कर रहे हैं। इससे शिक्षामित्रों में रोष है। अब तो हर हाल में नियुक्ति पत्र लेकर रहेंगे।
दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सर्वेश यादव ने कहा कि शिक्षामित्रों को उनके संगठन का पूरा समर्थन है। अगर बीएसए अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ते तो आरपार की लड़ाई होगी। अनूप पांडे, सत्येंद्र कुमार, राजनारायण यादव, प्रेमनारायण, प्रकाश पटेल, किरन देवी, शिल्पी पांडे, अर्चना मिश्रा आदि ने भी बीएसए पर समस्या का समाधान करने में हीलाहवाली का आरोप लगाया। मौके पर सावित्री देवी, रंजना मिश्रा, रंजना चंदेल, सुरेश पांडे, चिंता देवी, विद्याशरण पांडे, विजय शंकर, रामकृष्ण निषाद आदि मौजूद रहे।
वहीं बीएसए वीके सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे पद रिक्त हो रहे हैं, शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पदों पर समायोजन किया जा रहा है। तीस जून तक कुछ शिक्षक सेवानिवृत्त होंगे। एक और शासनादेश आया है कि जूनियर हाईस्कूल के सहायक अध्यापकों की पदोन्नति प्रधानाध्यापक पद पर होनी है, इसमें भी पद रिक्त होंगे। इन्हीं पदों पर शिक्षामित्रों का समायोजन किया जाएगा। जब पद ही न होंगे तो समायोजन कहां किया जाए। शासन की मंशा के अनुरूप ही काम किया जा रहा है।