निरीक्षण के दौरान जानकारी लेते जांच टीम के सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
बुंदेलखंड पैकेज के तहत जिले में कराए गए कामों की जांच प्रदेश शासन ने शुरू कराई है। लखनऊ से आई राज्य नियोजन संस्थान की तीन सदस्यीय टीम ने बुंदेलखंड पैकेज के तहत मिली धनराशि से कराए गए कामों की मौके पर जाकर गुणवत्ता परखी। तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन टीम ने 56 करोड़ की लागत से बनाए गए कूपों और 66 करोड़ से बनाई गई मंडियों का निर्माण जांचा।
बुंदेलखंड विकास पैकेज की जांच के लिए शासन से गठित अर्थ एवं संख्या प्रभाग उप्र लखनऊ के नियोजन संस्थान की तीन सदस्यीय टीम ने गुरुवार को पहले सदर ब्लाक के पहरा गांव में बुंदेलखंड पैकेज से लघु सिंचाई विभाग द्वारा बनवाए गए कूप निर्माण का निरीक्षण किया।
टीम के अध्यक्ष/उपनिदेशक सांख्यकीय विभाग अमलेंदु राय के साथ अपर सांख्यकीय अधिकारी व टीम के सदस्य राकेश कुमार व रामसमोखन ने पहरा गांव में बनाए गए आधा दर्जन कूपों का निरीक्षण किया। जिसमें दो कूपों का मानक संतोष जनक मिला लेकिन शेष में कूड़ा करकट भरा मिला। कुछ की खोदाई भी पूरी नहीं हुई।
जांच टीम ने ठर्री भगनपुर में चेकडैम का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके बाद पहाड़ी ब्लाक में बुंदेलखंड पैकेज से बनाई गई मंडियोें का निरीक्षण किया। पहाड़ी कस्बे के पास बनी मंडी परिषद का निर्माण देखकर ईंट, बालू व सीमेंट का नमूना लिया।
इसके बाद टीम मुख्यालय लौटी। इस दौरान जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी दिल्लीपति और लघु सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। गौरतलब है कि टीम 25 जून तक जिले में बुंदेलखंड पैकेज से कराए गए कामों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। टीम के अध्यक्ष अमलेंदु राय ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट शासन को दी जाएगी।
दो विभागों को पैकेज से मिली धनराशि
जिले में बुंदेलखंड पैकेज से लघु सिंचाई विभाग को 92 करोड़ 85 लाख स्वीकृत हुए थे। जिसमें 56 करोड़ 66 लाख शासन से मिले और विभाग ने पूरा खर्च होना बताया है। इसके अलावा जिले में 16 नई मंडियों के निर्माण के लिए 94 करोड़ 13 लाख स्वीकृत हुए। जिसमें मंडी निर्माण खंड को 66 करोड़ 88 लाख प्राप्त हुए और विभाग ने 62 करोड़ 58 लाख खर्च कर 15 मंडियां बनाने का दावा किया है।