अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। असलहाधारी आधा दर्जन नकाबपोश बदमाशों ने मारकुंडी जंगल में शनिवार 11 बजे चरवाहे के अपहर का प्रयास किया। और जंगल में चर रही दो दर्जन से अधिक भैंसों को एमपी सीमा की ओर ले जाने लगे। चरवाहे की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने असलहा व लाठी लेकर उन्हें खदेड़ा। इस दौरान दोनों ओर से हवाई फायरिंग भी हुई। जिसमें आरोपी चरवाहे व भैंस को छोड़कर भाग निकले। सूचना पर पहुंची यूपी 100 पुलिस टीम पर आरोप है कि भाग रहे आरोपियों को पकड़ने का प्रयास नहीं किया। जब इसका ग्रामीणों ने विरोध किया तो एक ग्रामीण को ही पुलिस टीम पकड़कर थाने ले गई।
मारकुंडी थानाक्षेत्र के चकरा जंगल में शनिवार की सुबह 11 बजे अमचुर नेरूआ निवासी चरवाहा रामनिहोर गांव की दो दर्जन से अधिक भैंसों को चरा रहा था। बताया नकाबपोश असलहाधारी पहुंचे और उसे पकड़कर सभी भैंस को एक स्थान पर एकत्र कर मप्र सीमा क्षेत्र की ओर ले जाने लगे। मौका पाते ही वह चिल्लाया उसकी आवाज आसपास मौजूद अन्य ग्रामीणों ने सुनकर गांव में सूचना दी। भैंस के साथ चरवाहे के अपहरण की जानकारी होते ही सैकड़ों ग्रामीण हाथ में असलहा व लाठियां लेकर जंगल की ओर भागे। ग्रामीणों को आता देख नकाबपोश भागने लगे और हवाई फायरिंग झोंक दी। इस बीच नकाबपोशों ने चरवाहे को छोड़ दिया वह दौड़कर गांव की ओर आ गये।
गांव के बुद्धविलास, सुरेंद्र कुमार, हरीविलास, शिवशर्मा व दयाशंकर आदि ने बताया कि वह सब अपनी-अपनी 25-30 हजार की भैंस छुड़ाने के लिए नकाबपोशों का पीछा करते रहे। इस बीच दोनों ओर से हवाई फायरिंग हुई। इसके बाद आरोपी भाग निकले। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम से ग्रामीणों ने कहा कि उनकी भैंस जंगल से लेने चले तो पुलिसकर्मियों ने इंकार कर दिया। आरोप लगाया कि नकाबपोशों को पकड़ने का भी प्रयास नहीं किया। ग्रामीणों ने नाराजगी जताई तो एक ग्रामीण दयाराम को पुलिस कर्मी अपने साथ पकड़कर थाने ले गए। देर शाम तक उसे थाने में बैठाए रखा।
मारकुंडी थाने के प्रभारी थानाध्यक्ष एसएन सिंह ने बताया कि ग्रामीणों का आरोप गलत हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नकाबपोशों को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन वह भाग चुके थे। कुछ ग्रामीणों से पूछताछ की गई थी किसी को पकड़कर थाने में नहीं बैठाया गया है।