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Chitrakoot News: मंदाकिनी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर, बरदहा में ऊफान से 10 गांवों का आवागमन ठप

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मंदाकिनी में आई बाढ़।  - फोटो : संवाद
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चित्रकूट/खोही/मानिकपुर। जिले में गुरुवार को 105 एमएम बारिश से फिर बाढ़ जैसे हालात हो गए। एक माह में तीसरी बार मंदाकिनी, कुसुमी व बरदहा नदी खतरे के निशान को पार कर गई। मंदाकिनी शाम को पांच बजे तक खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बहती रही। जिले के नाले व बांध ऊफना गए।
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चकला गुरुबाबा व बंधोईन में आठ किशोर व बच्चे पानी में बह गए। इसमें छह को बचा लिया गया । दो की तलाश की जा रही है। बिजली गिरने से बहिलपुरवा क्षेत्र में संतोष, गुडडू व संतू तीन ग्रामीण झुलस गए। गुंता व ओहन बांध का फाटक खोलने से 15 गांव में पानी भर गया। भरोसा बांध तो टूटने की कगार पर पहुंच गया है। करंट लगने से शहर में एक दुकानदार दीपक केसरवानी की मौत हो गई। कई स्थानों की पुलिया धंस गईं। रामघाट के मंदिर के पास नाव चलती रहीं। दुकानदार सामग्री लेकर सुरक्षित स्थान पर भागते देखे गए। हर जगह पुलिस बल तैनात रहा।
मंदाकिनी में बाढ़ से रामघाट सहित आसपास की बस्ती में पानी भर गया। मठ मंदिरों के परिसर सहित दुकानों में भी पानी भर गया है। नदी की बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्थानीय निवासियों को एलर्ट किया है। नगर पालिका व पुलिस विभाग की ओर से माइक से एनाउंस किया गया कि नदी बढ़ने वाली है, सभी सुरक्षित स्थान पर जाएं नदी की ओर कोई न जाए।
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प्रमुख तीर्थ स्थलों पर जाने पर लगाई रोक

नदी में बाढ़ को देखते हुए प्रमुख तीर्थ स्थान जानकीकुंडी, स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी तीर्थ स्थल के मुख्य गेट बंद कर दिए गए है। यह तीनों तीर्थ स्थल नदी के किनारे पड़ते हैं। रामघाट के अंदर जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। हर जगह पुलिस तैनात की गई।
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श्रद्धालु नहीं कर सके जलाभिषेक
रामघाट के मत्तगजेंद्रनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने आये ज्यादातर श्रद्धालु रामघाट में पानी भरा होने के कारण लौट गए। कई तो मंदिर के नीचे से ही जल चढ़ाकर लौट गए। इसी तरह से अन्य मंदिरों के दर्शन नहीं कर सके।

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नाव के सहारे कर रहे सफर

रामघाट के पास यूपी-एमपी सीमा को मिलाने वाली प्रमुख रोड में पानी भर गया है। इस रोड पर नाव चल रही है। उसी के सहारे श्रद्धालु आते जाते हैं।
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रामघाट के दुकानदार इस बार पहले से ही सतर्क थे। नदी का जल स्तर बढ़ते वह अपना अपने अपने दुकानों का सामान उठाकर घर ले गए। दुकानदार श्यामदीन ने बताया कि नदी में आए दिन बाढ़ आ जाती है।इस लिए दुकान में बहुत कम सामान रखे हुए है। जलस्तर बढ़ते ही समान उठाकर घर ले गए।

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डीएम, एसपी ने किया निरीक्षण
चित्रकूट। बाढ़ को देखते हुए डीएम शिवशरणप्पा, एसपी अरुण कुमार सिंह, एडीएम उमेश चंद्र, अपर एसपी सत्यपाल सिंह के साथ भारी पुलिसबल सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते रहे। नाविकों से बात कर सहयोग करने की बात की। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस के जवान नदी के आसपास लगा दिए गए है। वही एमपी क्षेत्र में भी यही हाल देखा गया।
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हर घंटे बढ़ता रहा पानी
मंदाकिनी नदी का जलस्तर सुबह से बढ़ गया। खतरे का निशान 126.5 मीटर है। जिसमें सुबह 9 बजे 124.6 मीटर, 10 बजे 124.7,मीटर, 11 बजे 126.3मीटर, 12 बजे 126.5 मीटर तक पहुंचा। इसके बाद खतरे के निशान को पार करते हुए 1 बजे 126.8, 2 बजे 127.1 मीटर, 3 बजे 127.5 व 4 बजे 127.9, साढे़ चार बजे 128 मीटर व पांच बजे तक 128.5 मीटर तक पहुंच गया।
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दस गांवों का संपर्क कटा
मानिकपुर। बारी बारिश होने से बरदहा व कुसुमी नदी में भी गुरुवार को बाढ़ आ गई। इससे चमरौहा गांव के पास बने रपटे में पानी भर गया।इससे दस से अधिक गांवों का आपस में संपर्क कट गया है। चमरौहा गांव के कामता कोल ने बताया कि क्षेत्र के रामपुर, कल्याणगढ़, गिदुरहा,रानीपुर ऊंचाडीह आदि गांवों का बरदहा व कुसुमी नदी में बाढ़ आने से संपर्क कट गया है। कई ग्रामीण मानिकपुर भी बाजार करने के लिए गए थे। रास्ते में पानी भरा होने के कारण वापस घर नहीं जा सके।
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