नदी का जल घटने के बाद रामघाट में मौजूद मिट्टी व उससे गुजरते लोग
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जिले व सीमावर्ती मध्य प्रदेश में हो रही बारिश की रफ्तार गुरुवार को धीमी पड़ी तो उफनाई मंदाकिनी भी शांत होने लगी। बाढ़ जैसे हालात बनने के पहले नदी का जलस्तर कम होने से सभी ने राहत की सांस ली। रामघाट व नदी किनारे बाढ़ से आई गंदगी व मिट्टी की सफाई का काम तेजी से कराया जा रहा है। फिसलन होने के कारण तीर्थयात्रियों को नदी तक जाने से रोका गया है।
जिले के पहाड़ी और पड़ोसी मध्य प्रदेश सतना के पहाड़ वाले क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद बुधवार सुबह अचानक सूखती जा रही मंदाकिनी में उफान आ गया था। बढ़े जलस्तर के कारण नदी के किनारे लगभग पांच सैकड़ा घरों में पानी घुस गया था। इसके बाद बुधवार की रात से लेकर गुरुवार दिनभर धीमी और रुककर बारिश होने से नदी का जलस्तर घटने लगा। गुरुवार दोपहर तक करीब 15 फीट पानी कम हो गया। इसके बाद रामघाट के दुकानदारों और अन्य लोगों ने राहत की सांस ली। यही हाल मुख्यालय की पैयुस्वनी नदी के घाटों का भी रहा।
नगर पालिका अध्यक्ष नीलम करवरिया, एसडीएम रजनीश मिश्रा और नगर पालिका ईओ लालचंद्र सरोज ने नदी किनारे जाकर स्थिति का आंकलन किया। इसके बाद जेसीबी और एक दर्जन सफाई कर्मचारियों को लगाकर रामघाट का सफाई अभियान शुरू कराया। शाम तक अभियान जारी रहा। इस दौरान दुकानदार भी दुकानों में भरी गंदगी साफ करने में जुटे रहे। भरतकूप प्रतिनिधि के अनुसार तेज बारिश के बाद उफनाए थोथी नाले के पानी से हाईवे पर टूटे रौली व रंपुरवा की पुलिया की मरम्मत का काम गुरुवार सुबह से शुरू है। जिसके कारण यातायात सामान्य हो रहा है। भारी वाहनों को भरतकूप-सीतापुर मार्ग से निकाला जा रहा है।