रामघाट की सभी सीढ़ियों तक भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
रविवार की शाम को मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। जुलाई माह में चौथी बार मंदाकिनी नदी उफनाई है। जिला प्रशासन ने अलर्ट घोषित कर नदी किनारे पुलिस बल तैनात कर दिया है। साथ ही रामघाट व नदी किनारे बसे दुकानदार व निवासियों को भी सतर्क रहने की डुग्गी पिटवाई गई है।
मध्यप्रदेश क्षेत्र समेत जिले के पहाड़ वाले इलाकों में शनिवार व रविवार को लगातार हुई मूसलाधार बारिश से मंदाकिनी में उफान पर है। हालांकि दोपहर 12 बजे तक नदी का पानी खतरे के निशान के करीब था लेकिन बाद में जलस्तर नीचे गिरने लगा। अचानक चार बजे के बाद फिर जलस्तर बढ़ा और रामघाट की सभी सीढ़िया डूब गई।
रामघाट स्थित मत्गयेंद्रनाथ स्वामी को जलाभिषेक करने के लिए प्रतिदिन हजारों भक्त पहुंचते हैं। सावन के दूसरे सोमवार और अमावस्या पर भी भक्तों भारी संख्या में मंदिर आएंगे। जिसके चलते जिला प्रशासन पहले से अलर्ट है। रामघाट में डुग्गी पिटवाकर सभी को नदी के बढ़ते जलस्तर से सावधान रहने को कहा गया।
डीएम मोनिका रानी व एसपी केके चौधरी ने बताया कि रामघाट समेत नदी किनारे पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि फिलहाल बारिश रूकने से संभव है कि अब नदी का जलस्तर ज्यादा नहीं बढ़ेगा। लेकिन आपातकालीन स्थिती के लिए प्रशासन ने सेना से भी संपर्क कर रखा है।
गौरतलब है कि सेना की एक टुकड़ी ने संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था।