मुख्यालय सहित आसपास के गांवों में कई घंटे हुई मूसलाधार बारिश से तालाब, खेत और सड़कें पानी से लबालब हो गईं। हाइवे व बेड़ी पुलिया मार्ग पर जलभराव से जाम की स्थिति पैदा हो गयी। तरौंहा मेें तो बारिश आफत बनकर आई। चार कच्चे घर भरभराकर गिर गए और कई घरों में पानी घुस गया।
खोह रेलवे क्रासिंग के पास हाइवे पर पेड़ गिरने से एचटी लाइन भी टूटकर गिर गई। जिससे आधा घंटे तक जाम लगा रहा। जोरदार बारिश से एक बार फिर किसानों के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिली। उमस भरी गर्मी से भी लोगों को राहत मिली।
शनिवार शाम से शुरू हुई बारिश ने रविवार सुबह तक रुकने का नाम नहीं लिया। कई घंटे तक बारिश हुई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बेड़ी पुलिया से कर्वी व सीतापुर मार्ग किनारे स्थित दुकानों में पानी घुस गया। कई दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। सड़क पर पानी से ही वाहन गुजरते रहे।
लोग घरों के अंदर ही बारिश बंद होने का इंतजार करते रहे। जबकि काम से घरों से बाहर निकले लोग बुरी तरह जाम में फंसे रहे। ग्रामीण इलाके में हुई बारिश से खेत व तालाब पानी से लबालब भर गए। नाले उफना गए। किसान राजेश सिंह, उमेश तिवारी, सलीम खां, ललित पटेल, हरीशंकर शुक्ला आदि ने बताया कि इस वर्ष मानसून आने बाद पहली बार इतनी अधिक बारिश हुई है। इससे धान की खेती को लाभ मिलेगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी परेशानी
चित्रकूट। दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से पाठा क्षेत्र व रसिन बांध के आसपास रहने वाले ग्रामीण जलभराव होने से घरों से निकल नहीं पा रहे हैं। वहीं, पानी की निकासी न होने से मच्छरों की तादात भी बढ़ गई है जिससे बीमारियां फैल रही हैं। जिला चिकित्सालय सहित प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की भीड़ देखी जा रही है। जबकि जिला मुख्यालय सहित मऊ, पहाड़ी, राजापुर, मानिकपुर कस्बों में कई स्थानों में लोगों के घरों में नाली का गंदा पानी घुस रहा है।
आधे घंटे तक हाइवे रहा जाम
चित्रकूट। मूसलाधार बारिश से कोतवाली क्षेत्र के खोह रेलवे क्रासिंग के पास पेड़ गिरने से हाईटेंशन लाइन भी टूट कर सड़क पर गिर गया। जिससे कोई नुकसान तो नहीं हुआ लेकिन हाइवे पर आधा घंटा जाम लगा रहा। स्थानीय लोगों की सूचना पर विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई। पेड़ को सड़क किनारे घसीटा गया। इसके बाद हाइवे पर आवागमन जारी हो सका।
चार मकान गिरे, आठ घरों में घुसा पानी
चित्रकूट। बारिश से मुख्यालय के तरौंहा में ज्ञान देवी, अनुसूइया सोनी, खत्रीदेवी और भोला दर्जी के कच्चे मकान गिर गए। हादसे में परिवार के सभी लोग बाल-बाल बच गए। इसके अलावा इस्लामिया स्कूल के सामने नरेश सोनी, आनंद, अनीता, रेखा देवी, बाबूलाल, ताराबाई, नंदू व कंचनिया के घरों के अंदर बारिश का पानी घुस गया है। घरों के पिछवाड़े से घुसा पानी नींव तक पहुंच गया है। जलभराव होने से परिवार छतों पर बसेरा बनाए हैं लेकिन लगातार आठ घंटे से पानी बहने के कारण मकान गिरने का खतरा बना है।