चित्रकूट। मुख्यालय के तरौंहा स्थित जयदेवदास अखाड़ा व बरगढ़ कस्बा के पाटापार मंदिर से 140 साल पुरानी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा रविवार को धूमधाम से निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों ने विशाल लकड़ी के रथ को हाथों से खींचा।
शहर के जयदेवदास अखाड़ा से हर साल की तरह इस बार भी भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व भाई बालभद्र की रथ यात्रा ढ़ोल नगाड़ों के साथ निकाली गई। रथ यात्रा में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने अपने हाथों से रथ को खींचा। भक्तों में उत्साह देखते ही बना। पहले दिन रथ यात्रा तरौंहा मोहल्ला से कच्ची छावनी के पहले पडाव पर जाकर ठहरी। जहां पर मेला लगा। श्रद्धालुओं ने खाने पीने की वस्तुओं के साथ बच्चों के लिए खिलौने खरीदे।
नौ दिन चले अढाई कोस वाली कहावत को चरितार्थ करने वाली इस रथ यात्रा का नेतृत्व जयदेव दास अखाड़ा के महंत रमाशंकर महाराज कर रहे हैं। यह यात्रा दूसरे दिन सोमवार की शाम को को शहर के एलआईसी तिराहे पहुंचेगी। जहां पर मेला लगेगा। रथ यात्रा के दौरान जयदेवदास वैष्णव संस्कृत महाविद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज द्विवेदी, शिवमंगल शास्त्री, शंकरलाल द्विवेदी, सुशील पांडेय आदि सैकड़ों भक्त मौजूद रहे। वहीं बरगढ़ कस्बे के पाटापार मंदिर से हर साल की तरह इस बार भी रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई जो हनुमान मंदिर के पास रुकी। जहां पर भक्तों न रथ यात्रा का स्वागत किया। इसके बाद बरगढ़ कस्बे में रथ यात्रा ने विभिन्न स्थानों पर भ्रमण किया।