चित्रकूट। पिता-पुत्र को 2014 में मौत के घाट उतारने वाले तीन सगे भाइयों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक से 22-22 हजार अर्थदंड भी वसूला जाएगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि मानिकपुर थाने के हनुवा गांव के पथरहाई मजरा के निवासी नरेंद्र पुत्र रामसंवारे चतुर्वेदी ने मानिकपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सात नवंबर 2014 को उनका भाई सोनू खलिहान के पास खेत में सिंचाई के लिए पाइप बिछा रहा था। इसमें दो-तीन फीट पाइप जगन्नाथ के खेत में चला गया। इस बात को लेकर जगन्नाथ के लड़के मोहित, रोहित और सोहित अपनी लाइसेंसी रायफल व दो नाली बंदूक लेकर आ गये और जबरन पाइप फाड़ने लगे। सोनू के मना करने पर मोहित ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मार दी। इससे वह जमीन पर गिर गया। नरेंद्र ने बताया कि वह अपने भाई सोनू को बचाने दौड़ा तो सोहित ने उसे भी कट्टे से गोली मार दी। इस दौरान उनके पिता रामसंवारे को भी घटना स्थल में आते समय अपने दरवाजे के सामने आरोपियों ने लाइसेंसी बंदूक से गोली मार दी। जिससे उसके पिता रामसंवारे एवं भाई सोनू की मौके पर ही मौत हो गयी।
पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दायर किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद मंगलवार को न्यायालय चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश दीप नारायण तिवारी ने अभियुक्त मोहित उर्फ पुष्पेंद्र, रोहित उर्फ महेंद्र, सोहित उर्फ अखिलेश पुत्रगण जगन्नाथ चतुर्वेदी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। तीनों से 22-22 हजार रुपये अर्थदंड भी लिया जाएगा। न्यायालय के निर्णय के बाद अभियुक्तों को सजा भुगतने के लिए जिला करागार भेज दिया गया।
छह साल बाद आया फैसला, आंखें हुईं नम
सरैंया। मुख्यालय कचहरी परिसर में 2014 में हुए हत्याकांड पर फैसला आया तो सभी की आंखें नम दिखीं।
परिसर में मौजूद दोनों पक्ष के परिजनों को सन 2014 में हुए हत्याकांड के निर्णय का बेसब्री से इंतजार था। दोपहर बाद जब अदालत से आरोपी तीनों सगे भाइयों मोहित उर्फ पुष्पेंद्र, रोहित उर्फ महेंद्र, सोहित उर्फ अखिलेश पुत्रगण जगन्नाथ चतुर्वेदी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई तो उनके परिजन बेहद उदास व रोने लगे। उधर, मृतक सोनू व उसके पिता रामसंवारे के परिजनों के चेहरे पर संतोष के आंसू दिखे। रिपोर्ट दर्ज कराने वाले नरेंद्र कुमार ने कहा कि आज उनके भाई व पूर्वजों की आत्मा को शांति मिली होगी। दोनों परिवार की महिलाएं व बच्चों की प्रतिक्रियाएं भी गमगीन थीं। संवाद