फोटो -6- जिले की सीमा से सटे सतना मार्ग पर सड़क से गुजरता तेंदुआ।
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट/मानिकपुर। जिले के मानिकपुर की सीमा से सटे मप्र के परसमनिया जिला सतना के वनबीट धनिया के पास शुक्रवार को तेंदुए के दोनों शावक जंगल में भटकने के बाद वह हिंसक हो गया और बस्ती समेत मुख्य मार्ग पर आने जाने वालों पर हमला किया। कई वाहनों पर हमला किया लेकिन किसी को नुकसान नहीं हुआ। धनिया गांव के कई घरों में तेंदुआ अपने शावकों की तलाश में घुस गया जिससे दहशत मच गई। सतना व मझगंवा के वन विभाग की दो दर्जन से अधिक अधिकारी व कर्मचारियों की टीम जाल आदि शस्त्र लेकर तेंदुए को पकड़ने की मशक्कत करते रहे। पूरी बस्ती के लोगों को एक जगह एकत्र कर सुरक्षित किया गया इसके बाद भी ग्रामीणों में दहशत बनी है। दस घंटे के प्रयास के बाद तेंदुए को वनकर्मियों ने रेस्क्यू कर पकड़ लिया इसके बाद उसे पन्ना के जंगल में छोडा गया है। दोनों शावकों की तलाश की जा रही है। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को वनरक्षक व ग्रामीण पर हमला करने वाली को वन विभाग के अधिकारियों ने बाघिन बताया था जिसे शुक्रवार को डीएफओ ने अब तेंदुआ होने का दावा किया है।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार की सुबह मानिकपुर के पास के जंगल परसमनिया मप्र की वनबीट धनिया में डयूटी पर जा रहे वनरक्षक रामदयाल दुबे पर तेंदुए ने हमला कर दिया। किसी तरह वह तेदुए से बचकर भागा तो उसी रास्ते जा रहे स्थानीय एक ग्रामीण श्रवण यादव पर भी तेंदुए ने हमला कर घायल किया। इसी बीच आस पास के लोग लाठी डंडा बंदूक बरछा आदि लेकर दौड़े तो तेंदुआ अपने दोनों शावकों के साथ भाग निकला था। जिससे दोनों की जान बच सकी थी। दोनों की हालत में अब बहुत सुधार हुआ है। शुक्रवार की सुबह फिर तेंदुआ इसी वनबीट व बस्ती की ओर इधर उधर भागते दिखा। यह देख बस्ती के लोगों ने पुलिस सूचना देकर खुद को छतों पर जाकर सुरक्षित किया। तेंदुए के साथ उसके दोनों शावक नहीं दिखे जिससे यह अंदाजा लगाया गया कि वह अपने बिछडे शावकों की तलाश कर रहा है। सतना मानिकपुर मार्ग से गुजरने वाले वाहनों पर भी तेंदुए ने हमला बोला।
जिससे वाहन सवार लोग शीशा बंद कर दहशत में रहे किसी तरह वह सुरक्षित आगे बढे। इसके बाद तेंदुआ धनिया गांव की बस्ती निवासी पुष्पराज गोड के घर के अंदर घुस गया।
जिससे भयभीत परिजनों ने खुद को कमरे के रास्ते छत पर जाकर अपनी जान बचाई। इसी बीच सूचना पर सतना, उचेहरा, पन्ना, मझगवां, कोठी व नयागांव चित्रकूट की पुलिस के साथ वनविभाग की टीम के अधिकारी डीएफओ राजेश राय, एसडीओ मझगवंा जीआर सिंह, एसडीओ सतना लाल सुधाकर, रेंजर आरएन साकेत पिंजडा आदि सामग्री लेकर पहुंचे। पूरे जंगल में नाकेबंदी कर ग्रामीणों को सुरक्षित किया इसके बाद बाद तेंदुए का रेस्क्यू किया। लगभग दस घंटे तक तेंदुआ को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम के सदस्य कभी पैदल तो कभी वाहन से पीछा कर रहे थे। लगभग दस घंटे बाद टीम ने तेंदुए को पिंजडे में बंद करने में सफला पाई। डीएफओ ने बताया कि तेंदुए को पन्ना के जंगल में छोड दिया गया है। उसके शावकों की तलाश की जा रही है।