फोटो- 7- मप्र क्षेत्र में मृत पडे तेंदुआ के शरीर में लगी चोट के निशान । संवाद
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चित्रकूट। जिले के मानिकपुर क्षेत्र से सटे मध्यप्रदेश स्थित महाराजपुर के जंगल में शिकारियों ने तारों पर करंट दौड़ाकर तेंदुआ व सियार का शिकार किया। दो दिन पहले भी करंट लगने से एक तेंदुआ की मौत हो गई थी। आए दिन तेंदुआ व अन्य जंगली जानवरों की हत्या होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
बुधवार की सुबह जिले के मानिकपुर क्षेत्र के बार्डर से सटे मध्यप्रदेश के महाराजपुर जंगल में एक तेंदुआ व सियार का शव पड़ा मिला है। आशंका जताई जा रही है कि शिकारियों ने जंगल में बिजली के तार बिछा दिए। करंट की चपेट में आने से इनकी मौत हो गई। सतना डीएफओ विपिन पटेल ने बताया कि इस मामले में वन विभाग की टीम तहकीकात कर रही है। कुछ युवकों से पूछताछ की जा रही है।
लगातार तीसरे दिन तेंदुआ का शिकार
चित्रकूट। एमपी और यूपी में तेंदुओं का शिकार करने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। एमपी क्षेत्र में तीन दिनों में तीन तेंदुओं का शिकार किया गया है। इसमें 30 मई को पागरकला के जंगल, 31 तारीख को रोहनिया के जंगल एक जून का महाराजपुर के जंगल मेेें तेंदुए का शिकार किया गया है। बताया जा रहा है कि इस साल सतना जिले में पांच तेंदुओं का शिकार किया गया है। सन 2022 में औसतन करीब एक महीने में एक तेंदुए की मौत हुई है। वहीं, यूपी क्षेत्र चित्रकूट जिले के जंगल में दो साल पहले तीन तेंदुआ व एक बालू को शिकारियों ने अपना शिकार बनाया था। जिसमें गढ़चपा के जंगल में तेंदुओं का शिकार करने वालों को वनविभाग ने पकड़ा भी था। इस क्षेत्र में भी करंट लगाकर जंगली जानवरों का शिकार किया जाता है।