मानिकपुर। थाना क्षेत्र के हेला बांध से निकली नहर की सुरंग में फंस कर चचेरे-फुफेर भाइयों का रविवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हुआ। ननिहाल आए युवक का उसके गांव में अंतिम संस्कार हुआ।
हेला बगदरी निवासी राजपाल कोल (18), चचेरा भाई महेंद्र कोल (35) और चुरेह कशेरुआ निवासी फुफेरा भाई रामकेश (40) के साथ शनिवार सुबह मछली पकड़ने गए थे। तीनों हेला बांध की नहर की टनल में मछली पकड़ने घुस गए। टनल में पानी कम था, लेकिन अंदर फिसलन और अंधेरे में तीनों फंस गए। एक घंटे बाद महेंद्र का भाई सुर्विजय बांध पहुंचा, वहां न मिलने पर टनल में झांक कर देखा तो तीनों अंदर पड़े दिखे।
ग्रामीणों ने किसी तरह महेंद्र को बाहर निकाला था, लेकिन दो को नहीं निकाल सके थे। सूचना पर जेई मनोज कुमार पहुंचे और नहर चालू कराकर फाटक खोलवा कर दोनों के शव बाहर निकाले गए थे। शनिवार शाम को पोस्टमार्टम हुआ था। इस कारण अंतिम संस्कार नहीं हो पाया था। रविवार को रामकेश का उसके गांव चुरेह कशेरुआ व महेंद्र व राजपाल का अंतिम संस्कार हेला में हुआ। इस दौरान सभी की आंखों में आंसू बह रहे थे।