चित्रकूट। डिफेंस कॉरिडोर परियोजना को पर्यावरण मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आएगी। इससे क्षेत्र में विकास के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। पहले चरण में प्रस्तावित 103 हेक्टेयर में 100 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत हो चुकी है। आवंटित 50 करोड़ रुपये में 43 करोड़ रुपये 949 किसानों को दिए जा चुके हैं।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल डिफेंस कॉरिडोर परियोजना चित्रकूट समेत बांदा, हमीरपुर, जालौन, ललितपुर, महोबा व झांसी शामिल हैं। चित्रकूट के पहाड़ी ब्लाक क्षेत्र के गांव बक्टा बुजुर्ग, पहाड़ी बुजुर्ग व खुटौरा गांव के सर्किल को चुना गया है। इसके अलावा पथरा, प्रसिद्धपुर, महराजपुर, लोहदा व कौडरका पुरवा का भी आंशिक हिस्सा है।
सर्किल को इसके लिए चार सौ करोड़ रुपये भी स्वीकृत हुए हैं। इसमें पहले चरण में लगभग 103 हेक्टयर भूमि ली जानी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 0.658 हेक्टयर की भूमि का अधिग्रहण बाकी है। इसके लिए कुछ गांव के लोगों ने विरोध भी किया है। उनका कहना है कि उनकी उपजाऊ भूमि ली जा रही है। कुछ ने कहा कि उन्हें उपजाऊ भूमि का मुआवजा बंजर भूमि के बराबर ही मिल रहा है।
दूसरे चरण में लगभग 200 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत होगी। इसका सर्किल बन गया है। पहले चरण में अधिग्रहण के लिए आवंटित लगभग 50 करोड़ रुपये में 43 करोड़ का भुगतान 949 किसानों को हो चुका है। डिफेंस कॉरिडोर का अब निर्माण कार्य जल्द शुरु होगा। इसके लिए औद्योगिक विकास मंत्री ने झांसी, चित्रकूट, अलीगढ़ व आगरा डिफेंस कॉरिडोर में विकास के लिए 450 करोड़ के प्रस्ताव की स्वीकृति दी। चित्रकूट के लिए 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित कार्य स्थल पर पाइप लाइन बिछाने व अग्निशमन के कार्य के लिए दिए गए हैं। (संवाद)
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जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
डीएम अभिषेक आनंद ने बताया कि भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है। भुगतान भी किया जा रहा है। डिफेंस कॉरिडोर में किसी भी युद्ध में प्रयोग होने वाले हथियार बनेंगे। पांच हजार से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा। पर्यावरण विभाग की एनओसी मिलने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा इसके पूर्व भूमि अधिग्रहण के शेष कार्य को जल्द पूरा कराना है। (संवाद)