चित्रकूट। माघ की मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। सूर्योदय से पूर्व ही श्रद्धालु मंदाकिनी में डुबकी लगाकर पूजन करने लगे। लगभग दो लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर कामदगिरी की परिक्रमा लगाई। रामघाट से लेकर परिक्रमा मार्ग तक जय सियाराम गूंजता रहा। पंडितों को दानकर कामदगिरि की परिक्रमा लगाई।
शुक्रवार को तड़के से ही श्रद्धालु रामघाट पहुंच गए और मंदाकिनी नदी में स्नान किया। इसके बाद मत्तगजेंद्र मंदिर में भगवान शिव को जलाभिषेक किया। भगवान कामदनाथ के दर्शन कर कामदगिरि की परिक्रमा लगाई। साथ ही धर्मनगरी के प्रमुख तीर्थ स्थलों हनुमान धारा, लक्ष्मण पहाड़ी, सती अनुसइया आश्रम, जानकीकुंड सहित अन्य तीर्थ स्थलों के दर्शन किए।
प्रयागराज से बड़ी संख्या में आए श्रद्धालु
दोपहर बाद श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी। मेले में आए श्रद्धालु कंचनी सिंह, अजय द्विवेदी, किरन त्रिपाठी ने बताया कि पहले उन्होंने प्रयागराज में गंगा में डुबकी लगाई। इसके बाद चित्रकूट आए हैं। बताया कि भगवान श्रीराम के प्रति उनकी आस्था है। हर साल मौनी अमावस्या पर धर्मनगरी आते हैं।
सड़कों पर वाहन खड़े होने से लगा जाम
राजापुर। मौनी अमावस्या के चलते जिला मुख्यालय में बड़े वाहनों के प्रवेश बंद होने और रूट बदलने से कर्वी-राजापुर मार्ग और सरैंया-राजापुर मार्ग और कई स्थानों पर बड़े वाहन सड़कों में खड़े रहे। प्रयागराज में माघ मेला में स्नान कर चित्रकूट आने वाले तीर्थ यात्रियों के वाहन यमुना पुल से चित्रकूट सीमा में घुसे तो चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर जाम भी लगा। जिला मुख्यालय में ई रिक्शा के कारण भी समस्या हुई। बीच रास्ते ही ई रिक्शा खड़े होकर सवारियां भरते रहे। इससे जाम की स्थिति हो गई।
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जगह-जगह बांटा गया प्रसाद
अमावस्या मेले में कई स्थानों पर भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं ने प्रसाद और फल का वितरण किया। सीतापुर पुलिस चौकी प्रभारी श्याम देव ने फल बांटा। परिक्रमा मार्ग पर भी कई स्थानों पर समाज सेवियों ने प्रसाद बांटा।