अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। धर्मनगरी में वसंत पचमी पर्व पर लाखों आस्थावानों ने मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाई। भगवान कामता नाथ के दर्शन कर कामदगिरि की परिक्रमा लगाई। जिसमेें प्रयागराज तीर्थ स्थान से लौटे श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा रही। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए यूपी-एमपी क्षेत्र के पुलिस अधिकारी तैनात रहे।
प्रयागराज कुंभ मेले के तीसरे पर्व का असर चित्रकूट धर्मनगरी में देखने को मिला। चित्रकूट तीर्थ स्थल आस्था मेें परिवर्तित हो गया। वसंत पंचमी पर्व पर श्रद्धालु एक दूसरे का हाथ पकड़कर हर हर महादेव का उद्घोष करते हुए मंदाकिनी नदी में स्नान किया। इसके बाद भगवान कामता नाथ के दर्शन कर कागदगिरी की परिक्रमा लगाई। क्षेत्र के जानकीकुंड, स्फटिक शिला, गुप्त गोदावारी आदि तीर्थ स्थानों के दर्शन किया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यूपी व एपमी के पुलिस अधिकारी सहित पुलिस बल तैनात रहा।
स्कूलों में मां सरस्वती की विधिविधान से पूजा
चित्रकूट। वसंत पंचमी पर्व जिले में धूमधाम के साथ मनाया गया। प्रात: काल पीले वस्त्र धारण कर मंदिरों में पूजा पाठ किया। अवकाश के बावजूद स्कूल कालेजों में भी मां सरस्वती की पूजाकर हवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कई स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।
वसंत पंचमी पर्व पर रविवार को खासा उल्लास देखा गया। प्रात: काल पीले रंग के वस्त्र पहनकर मंदिरों में पूजा पाठ किया। पीले रंग के पुष्प व फल चढ़ाया। वही स्कूल कालेजों में मां सरस्वती की पूजा किया गया। शिक्षकों के साथ छात्र-छात्राओं ने भी हवन किया। शहर के सरस्वती शिशु मंदिर में हुए कार्यक्रम में समाज सेवी भालेंदु सिंह, प्रधानाचार्य दुर्गेश सिंह आदि मौजूद रहे। जीडीएनडी स्कूल, सुषमा स्वरूप नेशनल स्कूल, चित्रकूट पब्लिक स्कूल सहित कई स्कूल कालेजों मेें कार्यक्रम हुआ। जिले के मानिकपुर, राजापुर, पहाड़ी, मऊ क्षेत्र में भी बसंत पंचमी का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया। स्कूल कालेजों में कार्यक्रम हुए। बसंत पंचमी पर्व में धर्मनगरी के प्रमुखद्वार कामदगिरी मंदिर, गायत्री मंदिर, भरतमंदिर, पंजाबी आश्रम जानकी मंदिर आदि स्थानों में भजन कीर्तन आदि का आयोजन किया गया।