चित्रकूट। दोस्तों के साथ होली पर चित्रकूट आए कानपुर के एक श्रद्धालु मंदाकिनी नदी में डूब गया। चार घंटे बाद गोताखोर व स्थानीय युवकों ने किसी तरह नदी से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
कानपुर के मोतीमहल हरवंश मोहाल निवासी अनिल तिवारी ने बताया कि उसका पुत्र देवेश तिवारी (20) अपने दोस्त दोस्त अशम शर्मा, प्रखर तिवारी व मृगांग तिवारी के साथ शुक्रवार को होली पर चित्रकूट के मंदिरों में दर्शन करने गया था। दोस्त प्रखर व मृगांग ने बताया कि वह सब शाम साढ़े पांच बजे मंदिर में दर्शन करने के पहले आरोग्यधाम के पास मंदाकिनी नदी में स्नान करने पहुंचे। सभी लोग नहा रहे थे जब वह सब बाहर निकले तो देवेश नहीं दिखा। आसपास व नदी में उसे देखा, लेकिन वह नहीं दिखा। उसके कपड़े वहीं किनारे रखे थे। ऐसे में उसके डूबने की आशंका पर आसपास के लोगों से चिल्लाकर मदद मांगी।
इसी बीच सूचना पर नयागांव चित्रकूट मप्र थाना प्रभारी डीआर शर्मा मय टीम पहुंचे और कुछ गोताखोरों को नदी में देवेश को ढूंढने के लिए उतारा। अंधेरा होने से इस काम में परेशानी हो रही थी। इसी बीच विश्व हिंदू परिषद से जुड़े कुछ कार्यकर्ता भी पहुंचे उन्होंने भी नदी में उतरकर देवेश को ढूंढना शुरु किया।
रात लगभग नौ बजे देवेश को नदी से बाहर निकाला फिर जानकीकुंड अस्पताल ले कर पहुुंचे। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से सभी दोस्तों में शोक व्याप्त हो गया। पुलिस ने देवेश के परिजनों को सूचना दी। शनिवार को पहुंचे परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।