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राजकीय संप्रेक्षण गृह में किशोर की मौत

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फोटो-3- मुख्यालय में स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह में तैनात सुरक्षाकर्मी - फोटो : CHITRAKUTT
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चित्रकूट। मुख्यालय स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह के एक बाल बंदी की पेटदर्द से पीड़ित होने पर मौत हो गई। मृतक कानपुर के झकरकटी के पास का रहने वाला था। 17 वर्षीय किशोर कानपुर में नशीले पदार्थ के साथ पकड़ा गया था। उसे कानपुर से चित्रकूट के बाल सुधार गृह भेजा गया था। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी है। परिजनों ने प्रभारी सहायक अधीक्षक पर इलाज कराने में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि महज दर्द की गोलियां दिलाकर उसका इलाज कराया गया जबकि किशोर बार-बार गंभीर रूप से पेटदर्द की बात करता था।
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मुख्यालय के कसहाई रोड बल्दाऊगंज स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह में बंद किशोर को कई दिनों से पेट दर्द की शिकायत थी। जिसका जिला अस्पताल में इलाज भी कराया गया था। पांच अगस्त को उसे तेज पेटदर्द की शिकायत पर इलाज कराया गया। सात अगस्त को फिर तेज दर्द होने पर अस्पताल भेजा तो डाक्टरों ने अल्ट्रासाउंड के लिए लिखा। शाम को अल्ट्रा साउंड होने के बाद उसे गुुरुवार की सुबह सुरक्षाकर्मी के साथ जिला अस्पताल भेजने की तैयारी चल रही थी। जैसे ही वह गेट तक पहुंचा तो अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा।
यह देखते ही वहां हड़कंप मच गया। संप्रेक्षण गृह के प्रभारी सहायक अधीक्षक वीर सिंह समेत पूरा स्टाफ आया और आनन फ ानन में उसे जिला अस्पताल भेजा जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रभारी सहायक अधीक्षक ने बताया कि किशोर को कई दिनों से पेट दर्द था जिसका इलाज भी कराया जा रहा था। किसी भी तरह की लापरवाही बरतने से इंकार किया है। मृतक के परिजनों को इसकी जानकारी दी गई है। इसके बाद देर शाम को मुख्यालय में ही परिजनों की मौजूदगी में मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया।
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क्या है पूरा मामला
चित्रकूट। राजकीय संप्रेक्षण गृह में कानपुर के झकरकटी निवासी किशोर 19 मई 2019 को आया था। वह कानपुर में दो नवंबर 2018 को पकड़ा गया था। वहीं बाल सुधार गृह में बंद था। संप्रेक्षण गृह के प्रभारी सहायक अधीक्षक वीर सिंह ने बताया कि कानपुर के बाल सुधार गृह में कुछ अफरा तफरी मचने पर किशोर को 19 मई 2019 को चित्रकूट के संप्रेक्षण गृह ट्रांसफर कर दिया गया था। उस पर नशीले पदार्थ के साथ पकड़े जाने के मामले की सुनवाई चल रही थी। ब्यूरो
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