गांव में अतिक्रमण की शिकायत पर जांच करने पहुंचे तहसीलदार व थाने के दरोगा पर शिकायतकर्ता ने मारपीट कर मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। बताया कि थाने ले जाकर पिटाई की और पत्नी को अपशब्द भी कहे। वहीं, तहसीलदार ने मारपीट व मोबाइल छीनने के आरोप को गलत बताया।
मानिकपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत रैपुरा जमहिली निवासी चंद्रप्रकाश पुत्र रामप्रकाश ने मंगलवार को डीएम व एसपी को लिखे पत्र में बताया कि उसके गांव में पड़ोसी अतिक्रमण किए हैं। इसमें उनके हिस्से की भूमि व सार्वजनिक स्थल शामिल हैं। इसकी शिकायत सभी उच्चाधिकारियों को की थी।
इसकी जांच पर 16 जून को तहसीलदार मानिकपुर व मानिकपुर थाने के दरोगा अपनी टीम के साथ पहुंचे। लगभग एक घंटे तक दोनों पक्ष से पूछताछ कर नापजोख करते रहे। इस पर शिकायतकर्ता ने न्याय करने की बात कही।
आरोप लगाया कि इतना कहते ही तहसीलदार ने उन्हें अपशब्द कहकर मारने को कहा। दरोगा व सिपाहियों ने उसके साथ धक्कामुक्की की फिर अपने वाहन में बैठाकर थाने ले गए। इसी बीच उसकी पत्नी ने वीडियो बनाने का प्रयास किया तो उससे मोबाइल छीनकर अपशब्द कहे। थाने में उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसका चालान किया। मोबाइल नहीं दिया।
इस मामले में तहसीलदार शशीकांत मणि ने बताया कि अतिक्रमण की जांच करने पहुंचे थे। दोनों पक्षों से शिकायत मिली थी। जांच के दौरान चंद्रप्रकाश व उसके परिजन अपने पक्ष में निर्णय करने का दबाव बना रहे थे। इस पर उन्हें डांटा और कहा कि कानूनन कार्रवाई होगी। इस पर वह आक्रोशित होकर अपशब्द कहने लगा जिससे पुलिसकर्मियों ने उसका शंातिभंग में चालान किया है। मोबाइल नहीं छीना गया है। थाने के दरोगा ने भी मारपीट के आरोपों को गलत बताया है।