शरदोत्सव कार्यक्रम के दौरान मंच पर भारतीय नृत्य व बैले डांस प्रस्तुत करते प्रिया नृत्य नाटिका मुंबई की टीम के सदस्य।
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धर्मनगरी में गुलाबी ठंड के बीच शरदोत्सव में कलाकारों का जुनून और दर्शकों का रुझान देखने को मिला। आधी रात तक भारतीय नृत्य शैली के साथ बैले डांस को दर्शक दिल थामकर देखते रहे तो भक्ति गीतों पर खूब झूमते भी रहे।
दीनदयाल शोध संस्थान के शरदोत्सव कार्यक्रम में रविवार की रात हुए कार्यक्रमों में सांस्कृतिक संध्या में प्रिया नृत्य नाटिका की टीम संजना ठाकुर एवं उनकी मुम्बई से आई टीम के कलाकारों ने नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी वहीं दूसरी प्रस्तुति में कीर्ति बैले एंड परफार्मिंग आर्ट भोपाल की टीम नेबैले पर आधारित नृत्य नाटिका का मंचन किया। इसके बाद अंतिम प्रस्तुति में टीकमगढ़ के प्रसिद्ध गायक पवन तिवारी ने भक्तिगीतों की अनूठी छटा बिखेरी। श्याम के रंग में मीरा दीवानी हो गई एवं तेरे नाम की दीवानी हैं बृज की गोपियां... भजन प्रस्तुत किए।
रविवार की शाम को आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय ऊर्जा एवं खनिज मंत्री पीयूष गोयल शामिल हुए। सबसे पहले उन्होंने सियाराम कुटीर में नानाजी देशमुख के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। सांस्कृतिक कार्यक्र्रम में कहा कि धर्मनगरी व आस पास के क्षेत्र के विकास मेें नानाजी का अहम रोल रहा है। इस दौरान मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के छात्रों ने आनंद रघुनंदन और श्रीराम कथा इंदौर की रागिनी मख्खर की टीम ने कार्यक्रम प्रस्तुत किया। अध्यक्षता महंत राजकुमार दास महाराज पंजाबी भगवान ने की। इस मौके पर सांसद गणेश सिंह, ग्रामोदय विवि के कुलपति प्रो. नरेश चन्द्र गौतम, जबलपुर दुर्गावती विवि के कुलपति कपिलदेव मिश्रा, दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन आदि मौजूद रहे।
मुंबई की प्रिया नृत्य नाटिका की टीम लीडर संजना ठाकुर ने रविवार की सुबह पत्रक ारों से बातचीत में कहा कि चित्रकूट आकर बहुत अलौकिक लगा। यहाँ आकर वह परमात्मा के नजदीक महसूस कर रही है। मनुष्य के जीवन का यही उद्देश्य है कि भगवान के धाम में कैसे भी आने का सौभाग्य मिले। वो चाहती है कि नृत्य के माध्यम से प्रभु के साथ तार जुड़ जाए, जिसके लिए वह 12वर्ष से की उम्र से ही नृत्य कर रही है।