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Chitrakoot News: 10 की संपत्ति का मिला अधूरा ब्योरा, नोटिस

Fri, 21 Nov 2025 12:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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चित्रकूट। जिले में कोषागार में हुए 43.13 करोड़ के घोटाले की जांच में कई पेंशनर व पकड़े गए। बिचौलियों के बैंक खाते अलग अलग मिल रहे हैं। जांच टीम को 10 की संपत्ति का ब्योरा मिला है लेकिन उनकी आधी-अधूरी जानकारी है। ऐसे में उन्हें नोटिस जारी की गई है। जांच टीम ने कोषागार विभाग के दो अकाउंटेंट से फिर से पूछताछ की। उनके प्रमाणित डिजिटल हस्ताक्षर लेकर विभाग की वेबसाइड से हुए भुगतान का मिलान कराया है। इसमें अन्य अधिकारियों के भी हस्ताक्षर प्रमाणित कराए गए। इसमें सात करोड़ के भुगतान की जानकारी हो रही है।
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घोटाले की जांच में दो और अकाउंटेंट के नाम संदेह के घेरे में हैं। बृहस्पतिवार को जांच टीम के अधिकारी कोषागार विभाग पहुंचे। अकाउंटेंट योगेंद्र व राजबहादुर के पटल से हुए भुगतान का विवरण लेकर उनके डिजिटल प्रमाणित हस्ताक्षर का मिलान किया। इसमें पाया गया कि इनके हस्ताक्षर के बाद अन्य अधिकारियों के भी हस्ताक्षर हैं और दो साल में लगभग सात करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान हुआ है। इसकी अब नए सिरे से जांच कराई जा रही है। सूत्रों के अनुसार दोनों अकाउंटेंट ने जांच टीम के सामने कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है। अब टीम इसी आधार पर आगे जांच बढ़ा रही है।
एसआईटी की जांच में बुधवार को खुलासा हुआ था कि बिचौलियों के माध्यम से विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने पेंशनर तक पैठ बनाई। तीन बिचौलिए दीपक पांडेय, अमृतलाल व रणविजय ऐसे मिले हैं जिनकी विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों से दो माह में एक हजार बार फोन पर बातचीत हुई है। इसी जांच को भी एसआईटी ने आगे बढ़ाया है।
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इसके अलावा बृहस्पतिवार को जांच टीम के सामने दस पेंशनरों की संपत्ति का ब्योरा पहुंचा इसमें कई अधूरी जानकारी होने पर नोटिस जारी किया है। एसआईटी प्रभारी सीओ अरविंद वर्मा व जांच अधिकारी अजीत पांडेय ने बताया कि कई ने बैंक खाता नंबर नहीं दिया। कुछ ने जेवर व नकदी की जानकारी नहीं दी है। इससे माना जा रहा है कि जो पेंशनर हैं उनके पास नकदी व जेवर जरूर होगा। इन्हें नोटिस जारी किया है। इसमें दस दिन का समय दिया गया है।
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खाते से निकाली रकम फिर की जमा अब अग्रिम जमानत की फिराक में
चित्रकूट। कोषागार घोटाला मामले में ऐसे भी मामले सामने आ रहे हैं जिन्होंने उनके खाते में आई रकम निकाली है। इसके बाद उसे जेल जाने के भय से जमा भी कर दिया। पहाड़ी निवासी पेंशनर जयश्री मिश्रा ने खाते में कोषागार विभाग से तीन लाख 31 हजार 148 रुपये निकाले हैं। इसके बाद जब कई पेंशनर जेल चले गए तो इन्होंने इतनी रकम जमा की।
इसी प्रकार पहाड़ी के ही पेंशनर अवधेश कुमार ने कोषागार विभाग से गलत तरीके से आए तीन लाख 49 हजार 56 रुपये खाते से निकाले और फिर कुछ दिन बाद जमा भी कर दिया है। जिला शासकीय अधिवक्ता श्यामसुंदर मिश्रा ने बताया कि यह दोनों पेंशनर कई बार अग्रिम जमानत के लिए वकील के माध्यम से याचिका डाली है। हर बार बहस की तारीख आने पर अदालत से इनके अधिवक्ता मौका ले रहे हैं। आज भी इनकी तारीख थी लेकिन दोनों के नहीं आने पर अदालत ने मौका दिया है।

रिटायर्ड एटीओ की बढ़ी स्टे की तारीख
चित्रकूट। कोषागाार घोटाले के मामले में विभाग के नामजद चार अधिकारियों में शामिल रिटायर्ड एटीओ अवधेश प्रताप सिंह के अग्रिम जमानत के स्टे में राहत मिली है। बृहस्पतिवार को ही उनकी पहली मियाद पूरी हो रही थी इस मामले में हाईकोर्ट से उन्हें 16 दिसंबर तक का स्टे दिया है।
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आज कई की जमानत पर सुनवाई
चित्रकूट। कोषागार घोटाला मामले में जेल में बंद व बाहर मौजूद नामजद पेंशनर व बिचौलिए अग्रिम जमानत के लिए अदालत के चक्कर लगा रहे हैं। अधिवक्ता आशीष तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को पेंशनर बलवंत व सूर्यकुमार समेत चार अन्य बिचौलियों ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत में याचिका डाली है।
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