चित्रकूट। पुलिस आरक्षी परीक्षा के अंतिम दिन परीक्षा देने आए अभ्यर्थी को कई स्थानों में परेशानी का सामना करना पड़ा। दो घंटे पहले ही अभ्यर्थी केंद्रों में पहुंच गए। जहां गेट के अंदर जाने के लिए धूप मेें लंबी लाइन लगानी पड़ी। कई जगह तो थक कर महिला अभ्यर्थी केंद्र के बाहर ही लाइन पर बैठ गईं। कोई दीवार तो कोई गेट के सहारे खड़ा रहा।
नाक की कील व कान के टाप्स उतरवा दिये। जूते मोजे उतरवाकर बाहर रखवा दिए। तीन से चार बार तलाशी ली गई। वही अंतिम दिन परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से निपटने से जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। पुलिस आरक्षी की परीक्षा शनिवार को हुई। जिसमें कुल छह केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें चित्रकूट इंटर कॉलेज, श्रीगंगा जनसेवा इंटर कॉलेज, गोस्वामी तुलसी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्याल, बेड़ी पुलिया दिव्यांग राज्य
महाविद्यालय, सीतापुर पोद्यार इंटर कॉलेज व जीजीआईसी में दो पालियों में परीक्षा हुई। करीब दो घंटे पहले ही अभ्यर्थी केंद्रों के बाहर डेरा जमा लिया। हर केंद्रों में तीन से चार बार तलाशी ली गई। परीक्षा के दौरान डीएम शिवशरणप्पा जीएन,एसपी अरूण कुमार सिंह, एडीएम उमेश निगम व अपर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी ने परीक्षा केंद्रो का निरीक्षण किया।
रेलवे स्टेशन परिसर में रात गुजरनी पड़ी
समाज सेवी संस्थाओं ने अभ्यर्थियों के रुकने के लिए भले ही दावे कर रही थी, लेकिन अभ्यर्थी रेलवे स्टेशन परिसर सहित सड़क के किनारे फुटपाथ में लेट कर रात गुजारी। इससे उनको परेशानी का सामना करना पड़ा। झांसी केसीपरी बाजार से आए सुनील सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन परिसर में रुककर किसी तरह से रात गुजारी। संवाद
महिला अभ्यर्थियों के ज्वैलरी उतरवाई
परीक्षा के दौरान इस तरह से सख्ती बरती गई कि अभ्यर्थियों के हाथ में बंधे कलावा तलाशी के दौरान उतरवा लिए। महिला अभ्यर्थियों की ज्वैलरी भी उतरवाई गई। प्रयागराज के नैनी निवासी सुनील कुमार ने बताया कि कई बार तलाशी ली गई। इसके बाद ही अंदर जाने दिया। झांसी के सीपरी बाजार के रवि कुमार ने बताया कि पिछली बार की अपेक्षा इस बार प्रश्न कठिन थे। संवाद