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Chitrakoot News: बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताय...

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​शिष्यों को आशीर्वाद देते रामभद्राचार्य।  - फोटो : संवाद
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चित्रकूट। गुरुवार के दिन गुरु पूर्णिमा पर्व का महत्व धर्मनगरी में देखते ही बना। भगवान श्रीराम की तपोभूमि में मठ मंदिरों में गुरुओं का आशीर्वाद लेने के लिए सुबह से शाम तक शिष्यों का तांता लगा रहा। धारकुंडी व तुलसी पीठ में सबसे ज्यादा भीड़ रही। धार्मिक कार्यक्रम होने के साथ ही भंडरा का आयोजन किया गया। हर स्थान पर गुरुओं के महत्व को देखा गया। संत महंतों ने बताया कि गुरु का स्थान भगवान से भी ऊंचा होता है। ऐसे में गुरुओं को देश समाज हित को लेकर शिष्यों को शिक्षा देनी चाहिए।
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गुरु पूर्णिमा पर्व मनाने के लिए एक दिन पहले से श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंच गए थे। गुरुवार को प्रमुख मठ मंदिरों में तुलसी पीठ में भव्य कार्यक्रम किया गया। जहां पर शिष्यों ने जगदगुरु रामभद्राचार्य की विधि विधान से पूजा की।
यहां पर कई उद्योगपति के परिवार के सदस्य सहित राजनैतिक दल के नेता मौजूद रहे। कामदगिरि पीठाधीश्वर जगद्गुरु राम स्वरूपाचार्य, संत मदन गोपालदास, परिक्रमा मार्ग के भगवतपीठ के आचार्य नवलेश दीक्षित, जानकी महल के महंत सीताशरण, भरतमंदिर में महंत दिव्य जीवनदास, फलहारी महंत रामप्यारे दास, बड़ा अखाड़ा के महंत श्याम दास, जानकीकुंड के सिया शरण दास, गायत्री शक्तिपीठ डा.रामनारायण त्रिपाठी, अनुसुइया आश्रम झोला बाबा, देवांगना घाटी के पंपापुर आश्रम के प्रेमदास व परिक्रमा मार्ग पर संत बृजेंद्र शास्त्री के दर्शन किया।
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वही मानिकपुर क्षेत्र के धारकुंडी आश्रम में बाबा संजय के दर्शन किया। शहर के संतोषी मंदिर में संत बृजमोहन त्यागी महाराज, व सच्चा बाबा आश्रम में ललित महाराज के दर्शन करने के लिए शिष्य पहुुंचे। इस स्थानों पर भजन कीर्तन, रामायण पाठ के साथ ही भंडारे का आयोजन किया गया।
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