चित्रकूट। दहेज के लिए पत्नी को प्रताड़ित कर जलाकर मारने के दोषी को अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट नीलू मैनवाल ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 24 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
बांदा जिले के तिंदवारी थाना क्षेत्र के तेहरी माफी गांव निवासी इंद्रपाल ने बताया कि उसने अपनी बेटी सावित्री देवी की शादी सदर कोतवाली क्षेत्र के बनकट गांव निवासी राजेश कुमार से की थी। शादी के बाद से ही पति दहेज की मांग करने लगा। मांग पूरी न करने पर बेटी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा।
पांच मई 2021 को बेटी को मारकर जला दिया। सूचना पर पहुंचे तो उनके साथ गाली गलौज और मारपीट की। इतना ही नहीं गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया। इस पर उन्होंने सदर कोतवाली में दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसकी विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी नगर शीतला प्रसाद पांडेय ने कर 13 सितंबर 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चली। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट नीलू मैनवाल ने राजेश कुमार को सावित्री की हत्या का दोषी पाया। उन्होंने राजेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद दोषी पति को जेल भेज दिया गया।