क्षेत्र में बड़ी आबादी वाले मांचा गांव में सूखा व भीषण गर्मी के चलते 40 बकरियों के मरने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। गुरुवार को पशु चिकित्सकों की टीम ने घर-घर जाकर बकरियों के मरने की हकीकत जानी और टीकाकरण किया।
टीम ने 347 बकरियों का टीकाकरण करने का दावा किया है। वहीं, प्रधान जौव्वाद अली ने बीमारी की चपेट में 49 बकरियों के मरने की जानकारी सीबीओ को दी है। बता दें कि बकरियों के मरने की खबर को अमर उजंाला ने गुरुवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
तपते बुंदेलखंड में अब मवेशियों में भी बीमारियां जोर पकड़ रही हैं। मांचा गांव में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. जेएन पांडेय टीम के साथ गांव पहुंचे। प्रशासन की पहल पर पशु चिकित्सालय जलालपुर डा.
रंजना सचान, पशु चिकित्सक कुरारा अमिताभ सचान व कस्बा स्थित पशु चिकित्सालय के पशुधन प्रसार अधिकारी हेमंत कुमार, पशु मित्र रमेशचंद्र व रामनरेश ने पूरे गांव में भ्रमण कर 347 स्वस्थ्य बकरियों का टीकाकरण किया। वहीं, इस टीम ने 27 बीमारी से प्रभावित बकरियाें का मौके पर इलाज किया।
ग्रामीणों से भी इस बारे में जानकारी ली। ग्राम प्रधान जौव्वाद अली ने गांव में मुनादी कराकर बकरी पालकों को एकत्र किया। प्रधान के पास पहले 13 बकरियाें के मरने की सूची आई। लेकिन इसके बाद जब घर-घर सर्वेक्षण किया गया, तो सही तथ्य प्रकाश में आए। प्रंधान ने मरी बकरियाें की सूची पशु चिकित्साधिकारी को सौंपी है।
जिसमें साबिर अली की छह, फारुख चौधरी सात, मेडेअली की तीन, रजवा की छह, लतीफुन की दो, सईद अली की तीन बकरियों के बच्चे मरे हैं।