ट्रांसपोर्ट के पास खड़े माल लदे वाहन।
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बारिश व बाढ़ का असर मंदाकिनी व यमुना किनारे बसे लोगों तक ही सीमित नहीं है। यूपी-एमपी के कई जिलों में बाढ़ के कारण व्यापार पर भी काफी प्रभाव पड़ा है। बड़े ट्रांसपोर्टर से लेकर थोक व्यापारियों का मानना है कि 15 दिनों से माल का आवक बंद है।
जिले में पिछले एक माह से हो रही मूसलाधार बारिश से मंदाकिनी में कई बार उफान आया और यमुना का जलस्तर भी कई बार बढ़ा हैै। जिसका प्रभाव मुख्यालय आने वाले सभी मार्गों पर पड़ रहा है। इन्हीं सड़क मार्गों से जिले का प्रमुख व्यापार जुड़ा है।
थोक व्यापारी गणेश लाल, महेश साहू, लक्ष्मण दास केशरवानी, अजय अग्रवाल, अशेाक अग्रवाल, शिवप्रसाद आदि ने बताया कि कपड़ा व किराना का व्यापार कानपुर, इलाहाबाद और सतना से जुड़ा है।
बाढ़ व बारिश से ज्यादातर सड़क मार्ग बंद हो गए हैं और व्यापारिक केंद्रों में माल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में स्टाक में रखे माल से ही काम चलाया जा रहा है। कम स्टाक होने से जरूरी चीजों के दाम बढ़ गए हैं।
इसी प्रकार जिले के ट्रांसपोर्टर सुनील द्विवेदी, सुजीत कुमार, लवकुश गर्ग, जगदंबा प्रसाद व पप्पू जायसवाल ने बताया कि पहले जिले में विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों से प्रतिदिन औसतन चार ट्रक माल आता था।
सड़क मार्ग टूटने व जगह-जगह जलभराव से 15 दिनों से एक भी ट्रक नहीं आया है। जिससे मजदूर भी खाली बैठे हैं। गोदाम में रखा स्टाक ही दुकानदारों को पहुंचाया जा रहा है।