राजापुर/ पहाड़ी (चित्रकूट)। बांदा और चित्रकूट जनपद की सीमा पर बसे गांवों में शुक्रवार देर शाम ओलावृष्टि और बारिश हुई। इससे किसानों की फसलें बड़े पैमाने पर नष्ट हो गईं। प्रभावित किसान सरकार से तत्काल मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
राजापुर क्षेत्र के लमियारी, भदेदू, चिल्लीमल, नैनी, सुरवल सुरसेन सहित कई गांवों में तेज हवा और ओलों के साथ वर्षा हुई। मानिकपुर और पहाड़ी क्षेत्र के गांवों में भी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं और भीगकर पूरी तरह बर्बाद हो गईं। लमियारी गांव के किसान जय नारायण ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल नष्ट हो गई है।
राजकुमार पांडेय, करुणेश मिश्रा, दीपक, राजनारायण द्विवेदी, अमृत लाल और गंगा प्रसाद जैसे कई किसान प्रभावित हुए हैं। उन्होंने इस अचानक आई आपदा से हुए नुकसान पर चिंता जताई है। भारतीय किसान यूनियन के नेता शैलेंद्र सिंह ने भी किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है। जिले के अधिकांश किसान खेती पर ही निर्भर हैं, इसलिए यह नुकसान उनके लिए बड़ा झटका है।
फसलों को भारी क्षति
किसानों के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब पांच से छह बजे के बीच तेज हवा और वर्षा के साथ ओले गिरे। इन ओलों ने खड़ी फसलों को पूरी तरह से बिछा दिया। गेहूं, चना, सरसों और मसूर जैसी फसलें भीग गईं और हवा से पसर गईं। पहाड़ी क्षेत्र के नांदी के शिवपुरी गांव के किसान नरेंद्र कुमार सहित अन्य ने भी नुकसान बताया। उन्होंने चना, मटर और गेहूं की फसलों को भारी क्षति होने की बात कही।
अधिकारियों का आंशिक नुकसान का दावा
कृषि प्रसार के उप निदेशक राजकुमार ने बताया कि बांदा जिले से सटे लमियारी और भदेदू गांवों में छोटे-छोटे ओले गिरे हैं। उन्होंने कहा कि नुकसान आंशिक रूप से ही हुआ है। कृषि विभाग के कर्मचारियों को गांवों में जाकर सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। राजापुर क्षेत्र के उप जिलाधिकारी फूलचंद्र यादव ने भी राजस्व विभाग की टीम भेजने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि छोटे ओले गिरे हैं और फसलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
फोटो न- 28सीकेटीपी 24 पहाड़ी क्षेत्र के नांदी गांव में फसल नुकसान को दिखाता किसान। संवाद