चित्रकूट। शासन से स्वीकृत 20.89 करोड़ की परियोजना से तुलसी की जन्मस्थली राजापुर संवर रही है। परियोजना के तहत राजापुर में शोधकर्ताओं के लिए एक पुस्तकालय खंड बनाया जाएगा।
यहां तुलसी साहित्य और रामचरितमानस पर गहन अध्ययन हो सकेगा। परियोजना के तहत तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए शयनगृह, सार्वजनिक सुविधाएं और स्वच्छ स्वच्छता खंड भी बनेंगे। एक बहुउद्देशीय सभागार में रामलीला, कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
तुलसी स्मारक भवन का जीर्णोद्धार किया जाएगा और एक संग्रहालय भी बनेगा। संग्रहालय में श्रव्य-दृश्य माध्यम से तुलसीदास का जीवन दिखाया जाएगा। पूरे क्षेत्र में निगरानी कैमरे, नियंत्रण कक्ष और अग्निशमन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, बेहतर बिजली, पानी और जलनिकास की व्यवस्था भी होगी।
अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से राजापुर की तस्वीर बदल जाएगी। होटल, दुकानें, गाइड और परिवहन सेवाओं से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
परियोजना पूर्ण होने के उपरांत पर्यटक स्थल के बेहतर रखरखाव एवं गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रति व्यक्ति 10 प्रवेश शुल्क रखा जाएगा। जिससे स्थल की नियमित देखरेख व अनुरक्षण कार्य आसानी से हो सके।
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वर्जन
परियोजना के अवशेष कार्यों के लिए 20 सितंबर तक मोहलत दी गई है। तय समय में कार्य पूरा करने को कहा गया है।
- पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी