कोल मजदूरों के हमले में मारे गए वॉचर के परिजनों को सोमवार को मुख्य वन संरक्षक बुंदेलखंड जोन झांसी सीवी नाथ ने ढांढस बंधाया। उन्हें विभाग की ओर से एक लाख रुपये की मदद दी। साथ ही आश्वासन दिया कि मृतक के एक पुत्र को अस्थायी नौकरी दी जाएगी।
शनिवार रात भरतकूप चौकी अंतर्गत पहरा वन ब्लाक में व्यास कुंड के पास अवैध खनन रोकने को गश्त कर रही वनकर्मियों की टीम पर सौ सशस्त्र कोल मजदूरों ने हमला कर दिया था। घटना में वॉचर रामस्वरूप यादव की मौत हो गई थी। इसके अलावा दो वन दरोगा समेत पांच वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सोमवार को मुख्य वन संरक्षक बुंदेलखंड जोन झांसी सीवी नाथ घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे। उन्होंने जिले के वन अधिकारियों से भरतकूप बीट के सीमांकन की जानकारी ली। साथ ही कहा कि यहां पर अवैध खनन रोकने के लिए पुलिस का सहयोग लिया जाएगा। वनकर्मियों की सुरक्षा के लिए वह शासन स्तर पर लिखापढ़ी करेंगे। उन्होंने विभागीय कर्मचारियों से सतर्क रहने को भी कहा। इसके बाद वह मृतक रामस्वरूप के गांव वीरामाफी गए। वहां उसकी अंत्येष्टि में शामिल हुए। रेंजर नरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने वन विभाग की ओर से मृतक के परिवार को एक लाख रुपये की सहायता दी। मौके पर कंजरवेटर चित्रकूट धाम मंडल केएल मीणा, डीएफओ वीके मिश्रा समेत अन्य लोग रहे।
घटना से दु:खी हूं
वन कर्मियों पर हमले की घटना से मुख्य वन संरक्षक काफी दु:खी नजर आए। जब उनसे इस घटना के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि क्या पूछना चाहते हैं। मैं अभी इस स्थिति में नहीं हूं कि कुछ बता सकूं।
एसडीएम और सीओ करेंगे मामले की जांच
चित्रकूट। वनकर्मियों के साथ हुई घटना की जांच उप जिला मजिस्ट्रेट कर्वी रजनीश कुमार मिश्रा और क्षेत्राधिकारी नगर कर्वी श्रीपाल यादव को संयुक्त रूप से सौंपी गई है। इन अधिकारियों को डीएम नीलम अहलावत ने संयुक्त हस्ताक्षरित जांच आख्या एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।