चित्रकूट। डेढ़ लाख के इनामी डकैत गौरी यादव ने कई माह की चुप्पी के बाद वन विभाग के मारकुंडी थाना क्षेत्र में जंगल में चल रहा कार्य बंद कराकर चौथ मांगी है। वनकर्मियों ने बताया कि चार अज्ञात असलहाधारियों ने ददरी व शबरी जलप्रपात के पास निर्माण स्थल पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। रुपये न पहुंचाने पर मजदूरों व विभागीय कर्मचारियों की पिटाई करने की धमकी दी। इससे मजदूरों व वनकर्मियों में हड़कंप मचा है। सोमवार को विभागीय अधिकारियों ने पुलिस को जानकारी देकर सुरक्षा की मांग की है।
मारकुंडी वनक्षेत्र के ददरी प्लांटेशन के पास पौधरोपण के लिए गड्ढे खोदने और लोहे की जाली लगाने का काम चल रहा है। वनकर्मियों ने बताया कि शनिवार को चार अज्ञात असलहाधारी पहुंचे और कार्य बंद करा दिया। शबरीप्रपात में मजदूर नर्सरी बनाने का काम कर रहे थे। तभी जलप्रपात के उस पार से डकैतों ने चार राउंड हवाई फायरिंग कर मजदूरों को धमकाकर भगा दिया। दो दिन से दोनों स्थानों पर काम बंद है। मजदूर काम पर जाने को तैयार नहीं हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने रविवार को अपर एसपी बलवंत चौधरी व मारकुंडी थानाप्रभारी रविप्रकाश को जानकारी देकर सुरक्षा मांगी है। घटना में डाकू गौरी गैंग का नाम आ रहा है। मारकुंडी के रेंजर रमेश यादव ने बताया कि मजदूरों के अनुसार यह सब डाकू गौरी के लोग थे। इस क्षेत्र में अन्य डकैत गैंगों का सफाया हो चुका है।
थाना प्रभारी ने बताया कि सोमवार को वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी थाने आए थे और डाकू गौरी यादव गैंग पर शक जता रहे थे। फिलहाल क्षेत्र में डकैतों का भय नहीं है, लेकिन जो सूचना मिली है उस आधार पर पुलिस टीम काम देखेगी और सरकारी काम में अड़चन नहीं आने देगी। संभावना है कि किसी अराजकतत्व ने ऐसा दुस्साहस किया है। उसे जल्द ढूंढ निकाला जाएगा।
गौरतलब है कि डाकू बबुली कोल व लवलेश कोल के मारे जाने व उस गैंग के अन्य सदस्यों के पकड़े जाने के बाद क्षेत्र को दस्यु विहीन बताया जा रहा है। फिलहाल यूपी और एमपी से डेढ़ लाख का इनामी डाकू गौरी यादव अभी नहीं पकड़ा गया है। इसे लेकर पुलिस विभाग के अधिकारी अलग राय भी रखते हैं।