फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chitrakoot News: मई में चार गुना चालान, फिर भी वाहन सवार नियमों से अनजान

विज्ञापन
विज्ञापन
- पिछले साल मई में 2,628 वाहनों के हुए थे चालान, इस बार संख्या बढ़कर 12,658
विज्ञापन

- कोई बिना हेलमेट तो कई सेलफोन पर, कहीं ओवर स्पीड तो कहीं नशे में भरते फर्राटा
संवाद न्यूज़ एजेंसी
चित्रकूट। सुरक्षित सफर के लिए सरकार ने यातायात नियम बनाए हैं। नियमों को तोड़ने पर जुर्माने का प्रावधान भी है। बावजूद इसके चालक नियम तोड़ने से बाज नहीं आ रहे। कोई बगैर हेलमेट तो कोई सेलफोन पर बातें कर बाइकें दौड़ा रहा है। या फिर ओवर स्पीड में भी वाहन दौड़ाए जा रहे हैं। यही नहीं शराब के नशे में भी चालक वाहनों को दौड़ाते नजर आए। इसकी तस्दीक खुद यातायात और परिवहन विभाग की वाहनों के चालान की रिपोर्ट कर रही है।
मई माह में चलाए गए अभियान में वाहनों की चेकिंग में हुए चालान की रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया। पिछले साल मई में जहां विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन पर 2,628 चालान किए गए थे, वहीं इस साल यह संख्या बढ़कर 12,658 पहुंच गई। यानी एक साल में करीब चार गुना से ज्यादा वाहनों के चालान हुए।
विज्ञापन

शहर से ग्रामीण मार्गों तक ऑटो और जीप में क्षमता से अधिक सवारियां भरकर परिवहन किया जा रहा है। कई वाहन ऐसे भी हैं जिनमें यात्री पीछे लटक कर और छत पर बैठकर सफर करते हैं। इसके बाद भी इन वाहनों के खिलाफ अभियान स्तर पर कार्रवाई नजर नहीं आती।
सड़क सुरक्षा नीति से तैयार रिपोर्ट में मई 2026 में यातायात नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की गई। विभागीय आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा कार्रवाई बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 8,845 चालान काटे गए जबकि पिछले साल यह संख्या 2,282 थी। वहीं ओवर स्पीडिंग में मई 2025 में महज नौ चालान हुए थे जबकि इस बार 2,972 चालान किए गए।
इसी तरह रॉन्ग साइड (गलत दिशा) ड्राइविंग के 198, बिना सीट बेल्ट के 386 और नशे में वाहन चलाने वालों के 233 चालान दर्ज किए गए। हालांकि रिपोर्ट में डग्गामार वाहनों, ओवरलोडिंग और अवैध सवारी संचालन पर की गई कार्रवाई का कोई अलग ब्योरा नहीं है। सड़क सुरक्षा अभियान का फोकस वास्तविक खतरों पर है या केवल चालान बढ़ाने तक सीमित है। इसके साथ ही रिपोर्ट का एक सकारात्मक पक्ष यह भी है कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग के मामलों में कमी दर्ज की गई है। मई 2025 में ऐसे 31 चालान हुए थे जबकि इस बार यह संख्या घटकर 24 रह गई।



इनके खिलाफ भी चलाए अभियान

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में ओवरलोड ऑटो और जीप शामिल रहती हैं। इसके बाद भी इन वाहनों के खिलाफ नियमित और प्रभावी अभियान नहीं चलाया जा रहा। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजारों और प्रमुख चौराहों पर खुलेआम सवारियां भरी जाती हैं। कई बार वाहन चालक निर्धारित क्षमता से दो से तीन गुना अधिक यात्रियों को बैठाकर सफर कराते हैं। इससे हादसे की आशंका लगातार बनी रहती है।
विज्ञापन



बोले जिम्मेदार-

लगातार वाहनों की चेकिंग कर चालान काटे जा रहे हैं। बाइक व कार सवारों को भी यातायात नियमों को ध्यान में रखकर चलना चाहिए। जल्द ही अभियान चलाकर डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। हरीराम यादव, यातायात प्रभारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें