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जिला पंचायत के चार अधिकारियों पर कार्यवाही से हड़कंप

Sun, 15 Oct 2017 10:02 PM IST
चित्रकूट
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चित्रकूट। गड्ढामुक्त सड़क बनाने की रिपोर्ट को आधार बनाकर जिला पंचायत के चार अधिकारियों पर शासन की गाज गिरने के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मचा है। आंकड़ों की बाजीगरी करने वाले अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी इसके लपेट में आ सकते हैं।
  पंचायती राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार भूपेंद्र चौधरी के निर्देश पर विभाग के अपर मुख्य सचिव ने जिले के प्रभारी अपर मुख्यअधिकारी पुनीत वर्मा, प्रभारी अभियंता एसपी पांडेय के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और अवर अभियंता राकेश सिंह व वेदप्रकाश को निलंबित किया है। रविवार को अवकाश के बावजूद कार्यालय खुला रहा लेकिन इस विषय पर कोई अधिकारी कर्मचारी कुछ भी बोलने से कतराते रहे। प्रभारी अभियंता शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद 31 मार्च को जिला पंचायत की सड़कों को गड्ढामुक्त कराने के लिए दस साल का रिकार्ड मांगा गया था। यह रिपोर्ट तीन दिन के अंदर दी जानी थी। जिस पर पहले विभाग ने जल्दबाजी में विभाग की सभी सड़कों की रिपोर्ट में बताया कि कुल 67.50 किमी की सड़क को गड्ढामुक्त किया जाना है। यह रिपोर्ट जाने के कुछ दिन बाद ही शासन ने नई रिपोर्ट में कहा कि दस नहीं आठ साल का रिकार्ड उपलब्ध कराया जाए।
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 इस पर रिपोर्ट में 20.94 किमी की सड़क गड्ढामुक्त बताई गई। जिस पर विभाग ने 240.52 लाख से गड्ढामुक्त किया है। इन सड़कों में पैच मरम्मत व विशेष मरम्मत की मद से ग्राम बिहारा के मजरा बरगदहापुरवा और सीतापुर के पीली कोठी से संस्कृत विद्यालय तक की सड़कें भी शामिल हैं। विभागीय अधिकारी शासन की कार्यवाही के बारे में तो कुछ भी बोलने से कतराते रहे लेकिन यह माना जा रहा है कि इसी रिपोर्ट को शासन ने आधार बनाकर कार्यवाही की है। दबी जुबान में कुछ अधिकारियों ने कहा कि दस व आठ साल के रिकार्ड मांगने पर ही सड़क की लंबाई कम हुई है लेकिन शासन इसे नहीं मान रहा है। शासन का मानना है कि पहले अधिकारियों ने गलत सूचना दी फिर उसे सही किया है। जो अनुशासनहीनता में आता है। फिलहाल इसे लेकर पूरे विभाग में हड़कंप मचा है। सभी रिकार्ड को सही करने में जुटे हैं।
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