फोटो नं - 10-
पांच जोड़ों ने फिर थामा एक दूसरे का हाथ
सीजीएम ने निस्तारित किए सर्वाधिक मुकदमे
संवाद न्यूज एजेसी
चित्रकूट। जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत में 11 पारिवारिक वाद निपटाए गये जिसमें पांच ऐसे थे जिसमें पति पत्नी एक दूसरे से अलग रहकर मुकदमा लड़ रहे थे। उनमें आपसी सुलह समझौता कर फिर से एक दूसरे का हाथ थाम लिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव विदुषी मेहा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सुलह समझौते के आधार पर वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें जनपद न्यायाधीश रवीन्द्र नाथ दुबे ने तीन इजरा वाद का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर करते हुये 1,37,603 रुपये डिक्त्रस्ीदार को दिलाया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रामकृपाल ने 11 वादों का निस्तारण करते हुए 3,000 रूपये प्रतिकर के रूप में दिलाया एवं पांच जोड़ों को आपसी सुलह समझौते के आधार पर मिलाया गया। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी नरेन्द्र सिंह ने मोटर दुर्घटना के 17 वादों का निस्तारण करते हुए 42,51,992 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाया। अपर जिला जज प्रथम रवीन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने एक इजरा वाद का निस्तारण किया। एससी एसटी विशेष न्यायाधीश सतीशचंद्र द्विवेदी ने दो अंतिम रिपोर्ट का निस्तारण किया। अपर जिला जज दीपनारायण तिवारी ने 163 विद्युत वादों का निस्तारण किया। अपर जिला जज एफटीसी (न्यू) विनीत नारायण पांडेय ने एक प्रकीर्ण सिविल वाद का निस्तारण किया।
सिविल जज (जू डि) वसुंधरा शर्मा ने 13 उत्तराधिकार वाद निस्तारित करते हुए 59,437.50 रुपये का उत्तराधिकार का प्रमाण पत्र जारी किया व छह फौजदारी वादों का निस्तारण करते हुए 8,800 रुपये अर्थदंड वसूला गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट संघमित्रा ने 25 वाद निस्तारित करते हुए 4,800 रूपये अर्थदंड वसूला। उन्होंने बताया कि राजस्व न्यायालयों द्वारा 1,513 वादों का निस्तारण करते हुए 6,59,003 रूपये वसूल किया गया। सभी बैंकों द्वारा 255 वादों का निस्तारण करते हुए चार करोड़ 88 लाख रुपये आपसी समझौते के आधार पर वसूला गया।