चित्रकूट। गड़ौली गांव के अग्निपीड़ितों को सहायता के रूप मेें मिले चेकों का भुगतान बैंको से नहीं हो रहा है। अग्निपीड़ितों ने आरोप लगाया कि 16 दिन बीत जाने के बाद भी बैंक से रुपये न मिलने से दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर हैं।
गौरतलब है कि पहाड़ी विकास खंड के गड़ौलाी गांव में अग्निकांड होने से सैकड़ों घर जल गए थे। मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने जांच करने बाद पीड़ितों को सहातया के लिए 95 -95 हजार के चेकों के अलावा कम राशि के भी चेकों का वितरण अग्निपीड़ितों को किया था।
गांव के प्रधान पति परगा ने बताया कि लगभग 150 अग्निपीड़ित हैं। जिनको आर्थिक सहायता के लिए चेकों का वितरण किया गया था। जिसका भुगतान बैंको से नहीं किया जा रहा है। जिससे अग्निपीड़ित परेशान हैं। 16 दिन बीत जाने के बाद भी उन चेको का भुगतान बैंकों से नहीं किया जा रहा है।
चेकों का भुगतान करने लिए ग्रामीण जब यूपी ग्रामीण बैंक के लमियारी गांव व महुंवा गांव में खुली शाखा में रुपये लेने के लिए जाते हैं तो वहां के कर्मचारी कहते है कि तुम्हारे नाम की कोई राशि बैंक में अभी नहीं आई है। जिससे भुगतान नहीं किया जा सकता है।
इलाहाबाद बैंक के एलडीएम अभिनंदन कुमार ने कहा कि किसी भी बैंक को चेक लेने से इंकार नहीं कर सकते। यह संज्ञान में आया है कि गडौली के अग्निपीड़ितों के चेक इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक लमियारी व महुआ शाखा के प्रबंधकों ने लेने से इंकार किया है। जिसमें दोनों मैनेजरों से पूछताछ की जाएगी और पीड़ितों के चेक जमा करने के निर्देश दिए जाएंगे।
चेक जमा करने पर खाते में पहुंचेगी राशि
चित्रकूट। राजापुर एसडीएम दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि जब अपने खाते में अग्निपीड़ित चेक जमा करेंगे तभी उनके खाते में धनराशि पहुंचेगी। यदि कोई समस्या है तो उनको जानकारी दें। वह इस मामले को लेकर बैंक के अधिकारियों से बात करेंगे।