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बरगढ़, मानिकपुर के जंगलों में लगी आग

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चित्रकूट/मानिकपुर। गर्मी शुरू होते ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई है। इससे वन संपदा के साथ ही जीव जंतुओं की मौत हो रही है। झांसी मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बरगढ़ क्षेत्र के कलचिहा घाटी के जंगल व मानिकपुर के रानीपुर वन्य जीव विहार में आग लगी है। इसको बुझाने में वन विभाग की टीम लगी है।
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पिछले साल भी वनों में आगजनी की घटनाएं हुई थी। बावजूद इसके वन विभाग सर्तक नहीं हुआ। शनिवार को वन विभाग के बरगढ़ रेंज के कलचिहा गांव के पास दोहपर को जंगल में आग लग गई। आग से धीरे-धीरे पेड़ पौधे सुलगने लगे। इसमें जीव जंतुओं के मरने की भी आशंका है। आग को बुझाने में वन विभाग की टीम लगी है। बरगढ़ रेंजर अभय कुमार ने बताया कि जंगल में पडे़ सूखे पत्तों के कारण आग लगी थी। पर अब आग काबू में है। इससे कोई नुकसान नहीं हुआ है। वहीं मानिकपुर क्षेत्र के वन्य विहार क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों रानीपुर, गिदुरहा, निही चिरैया, मारकुंडी रेंज के कल्याणपुर वीट में भी शुक्रवार को आग लग गई थी। कल्याण पुर बीट में लगी आग मध्यप्रदेश की सीमा के जंगलों तक पहुंच गई है। आग को वन विभाग की टीम बुझाने में लगी है। रानीपुर वन्य जीव विहार के रेंजर त्रिवेण्ी प्रसाद ने बताया कि सूखे पत्ते में जलती बीड़ी फेंकने से आग लगी है। इससे कोई नुकसान नहीं हुआ खरपतवार व पत्ते ही जले है।
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सेना की मदद लेनी पड़ती है
चित्रकूट। आग लगने की घटना होने से वन विभाग सहित प्रशासनिक अधिकारियों व अग्निशमन कर्मचारियों को हर साल गर्मी में जूझना पड़ता है। आज से सात साल पहले देवांगना घाटी में आग लगने की घटना होने पर आग को बुझाने के लिए सेना की मदद लेनी पड़ी थी। जिसमें हेलीकाप्टर से आग को बुझाने का कार्य किया गया था।
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सूखे पत्ते में लगी थी आग
चित्रकूट। जंगलों के आसपास रहने वाले ग्रामीण जंगलों के रास्ते से निकलते रहते है। जो जलती बीड़ी को जंगल में फेंक देते है। गर्मी के सीजन में जंगल में सूखे पत्ते पड़े रहते है। जिसमें आग लग जाती है। इस तरह से हर साल आग लगने की घटनाएं होती है।
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