खाद के लिए शहर के गोदाम के सामने लगी किसानों की भीड़। संवाद
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चित्रकूट। जिले में खाद की किल्लत व खाद का मानक सही न होने से किसान खाद वितरण केंद्रों से लौट रहे हैं। किसानों का कहना कि समय से खाद न मिल पाने के कारण उनकी रबी की फसल खराब हो रही है।
जिले में खुले अधिकतर खाद वितरण केंद्रों में खाद नहीं मिल रही है। कुछ केंद्रों में खाद का वितरण किया जा रहा है तो वहां किसानों के मन मुताबिक खाद नहीं मिल रही है। किसानों का आरोप है कि खाद के दाने मोटे है, बोरियां भी फटी हुई हैं। जिससे यह खाद खेतों में डालने लायक नहीं है।
काड़ी खेरा गांव के किसान रामलाल, सपहा गांव के किसान महेश प्रसाद, कसहाई गांव के किसान राजेश कुमार ने बताया कि चार से पांच दिन हो गए खाद लेने के लिए केंद्रों में चक्कर लगा रहे है। इसके बाद भी खाद नहीं मिल रही है।
पूछने पर कहा जाता है कि एक दो दिनों में खाद मिल जाएगी। बताया कि शहर के पीसीएफ केंद्र में खाद मिल रही है। जहां मानक के आधार पर खाद नहीं है और दाने मोटे है। केंद्र प्रभारी बाबू लाल ने बताया कि केंद्र में खाद आने पर किसान बोरिया छांट कर ले गए हैं।
कुछ बोरिया बची हैं, जिन्हें किसान ले जाता है। कंपनी से ही कुछ बारियों में दाने बड़े होते है। इससे कोई नुकसान नहीं है। किसान उनको भी ले जाता है।
सहायक आयुक्त व सहायक निबंधक सहकारिता विभाग नरेंद्र सिंह ने कहा कि खाद की कोई कमी नहीं है। अभी यूरिया खाद 246.780 एमटी का स्टॉक रखा है। इसके अलावा सहकारी समिति की सोसाइटी की तरफ से 9 हजार 133 एमटी यूरिया व डीएपी 9 हजार 337 बांटी जा चुकी है।