रिमझिम बारिश के बीच खोही केंंद्र में खाद के लिए मौजूद किसान।
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चित्रकूट। डीएपी खाद लेने के लिए बृहस्पतिवार को बारिश में भी केंद्रों पर किसानों की भीड़ उमड़ी। इस दिन ज्यादातर केंद्रों पर सुबह से ही लंबी लाइन लगी दिखी। कुछ केंद्रों पर किसान कम पहुंचे।
रबी की फसल गेहूं, चना, सरसों की बुआई में किसान जुट गए है। ज्यादातर किसान गेहूं की फसल में डीएपी खाद डालते है। इसके लिए पहले से ही घरों में खाद का स्टॉक रख रहे है। बृ़हस्पतिवार को बारिश होने बाद भी किसान खाद लेने के लिए केंद्रों में पहुंचा। खोही सहित औदाहा, पहाड़ी केंद्रों में किसानों की भीड़ खाद लेने के लिए लगी रही। किसान रेवती रमन ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए ज्यादातर किसान खाद ले रहे है। खाद केंद्रों में किसानों से खतौनी, आधार जमा करने के बाद पॉश मशीन में अंगूठा लगाकर खाद दी जाती है। जब कि केंद्रों में कर्मचारी एक ही रहता है। इससे समय लग जाता है। जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ला ने बताया खाद की कोई कमी नहीं है। प्राइवेट दुकानों में भी खाद उपलब्ध है।
एमपी क्षेत्र सहित अन्य स्थानों में खाद बेचने की शिकायत पर सहकारिता विभाग ने कुछ केंद्रों की जांच शुरू कर दी है। जांच में कुछ किसानों के आधार में एमपी क्षेत्र सहित गुजराज के सूरत शहर का पता लिखा मिला है। जबकि खतौनी में चित्रकूट जिले व उनके गांव का नाम अंकित मिला। सहकारिता विभाग के सहायक उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि रामपुर कल्याण गढ केंद्र की जांच की गई है। प्रथम जांच में अभी तक कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। कई किसान चित्रकूट जिले के रहने वाले हैं। अब वह शहरों व सीमा से लगे मध्यप्रदेश के जिलों में रहते हैं। उनके परिवार के सदस्य खेती का कार्य देखते है। कुछ किसानों के आधार में चित्रकूट जिले के स्थान में दूसरे स्थान का पता लिखा है जहां वह इस समय रहते हैं जबकि उन्होंने चित्रकूट जिले व अपने गांव की खतौनी लगाया है। पॉश मशीन में अंगूठा लगने के बाद ही किसानों को खाद दी गई है। दो -दो बोरी ही खाद लिया है।