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किसान सम्मान निधि न मिलने की शिकायत पर नोड़ल अधिकारी ने लगाई फटकार

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चित्रकूट। आबकारी आयुक्त/नोडल अधिकारी पी. गुरुप्रसाद ने किसान सम्मान निधि का समय से पात्रों को लाभ न मिलने पर नाराजगी जताई। संचालित गोशालाओं में किसी मवेशी की मौत पर उसका हर हाल में पोस्टमार्टम कराकर रिपोर्ट भेजने और गोशालाओं की फोटो अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। 200 बेड वाले अस्पताल की कुछ कमियों को दूर कर संचालन जल्द कराने को कहा है।
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मुख्यालय में विकास कार्यों की समीक्षा करने पहुंचे नोडल अधिकारी पी. गुरुप्रसाद ने शुक्रवार की दोपहर को कृषि भवन में संचालित योजनाओं की जानकारी ली। कृषि भवन के कार्यालयों में साफ-सफाई व्यवस्था व पुरानी प्रचार सामग्री का रखरखाव सही ढंग से ना पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने किसान सम्मान निधि के काउंटर पर खड़े किसानों से समस्याओं के बारे में जानकारी कि जिस पर ग्राम सुरसेन के राम प्रताप ने बताया कि राजापुर के चकबंदी लेखपाल अशोक कुमार व कृषि विभाग द्वारा कोई सही जानकारी नहीं दी जा रही है कि अभी तक किसान सम्मान निधि क्यों नहीं मिली है। इस पर नोडल अधिकारी ने जिलाधिकारी से कहा कि इसकी जांच कराएं और उसमें जो दोषी पाया जाए उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उप निदेशक कृषि टीपी शाही ने बताया कि 7 किसानों का पैसा शेष है जिसमें शासन स्तर से कुछ समस्या आ रही है उसके लिए पत्राचार किया गया है। नोडल अधिकारी ने नगर पालिका परिषद द्वारा मंदाकिनी पुल के पास संचालित गोशाला पर भरण-पोषण, पानी, टैगिंग, पशुओं की संख्या आदि की जानकारी की।
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मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से कहा कि गोशालाओं में जिन पशुओं की मृत्यु हो उसका पोस्टमार्टम अवश्य कराया जाए व प्रतिदिन फोटो खिंचवायें। गोवंश की सेवा करने वाले मजदूरों की मजदूरी का पत्र लिखा गया है उसे उपलब्ध कराएं। इसके बाद नोडल अधिकारी ने ग्राम टिटिहरा में संचालित गौशाला का निरीक्षण किया।
जिसमें ग्राम प्रधान ने चारा-भूसा के भुगतान की मांग की । इस पर नोडल अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए इनका भुगतान तत्काल करायें और जो इंटरलांकिंग का कार्य जो शेष है उसे कार्यदायी संस्था से कार्य को पूर्ण करायें।
मुख्यालय लौटने पर खोह गांव के पास बने 200 शैय्या अस्पताल के निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था को निर्देश दिये कि जो छोटी-छोटी कमियां हैं उनको तत्काल पूर्ण कराकर हैण्डओवर कराएं ताकि अस्पताल संचालित कराया जा सके। इस मौके पर जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी डा. महेन्द्र कुमार,उप जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी, परियोजना निदेशक अनय कुमार मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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