फोटो न-16 सीकेटीपी 17 रोशनी से जगमगाता रामघाट। संवाद
चित्रकूट। फाल्गुन माह की अमावस्या के पर्व को धर्मनगरी में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है। 17 फरवरी को पड़ने वाली इस अमावस्या पर दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे लेकर जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए यातायात व पुलिस व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है।
वैसे तो हर मास की अमावस्या पर भारी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं और मंदाकिनी व यमुना नदी में स्नान कर पुण्य कमाते हैं। इस बार मंगलवार को अमावस्या पड़ रही है। ऐसे में सोमवार शाम से दूर दराज से भक्तों का रेल, बस और निजी वाहनों से धर्मनगरी में आवागमन शुरू हो गया है। श्रद्धालुओं ने रामघाट समेत परिक्रमा पथ पर डेरा डाल दिया है और भजन-कीर्तन और रामधुन में जुट गए है। इससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। कई श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए यहां पहुंचे हैं। स्थानीय मंदिरों, धर्मशालाओं और आश्रमों में भक्तों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। हमीरपुर से आए श्रद्धालु अर्जुन राजपूत और सुनील सिंह ने बताया कि वे प्रतिवर्ष परिवार सहित अमावस्या पर चित्रकूट आते हैं और इस बार गांव की भजन मंडली के साथ आए हैं। अमावस्या मेले को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा में मुस्तैद पुलिस बल
चित्रकूट। अमावस्या मेला में सुरक्षा व्यवस्था के लिए मंदाकिनी भवन सीतापुर में अपर एसपी सत्यपाल सिंह पुलिस अधिकारियों की पुलिस बल के साथ ब्रीफिंग की। कहा कि पुलिस कर्मी अपने अपने इलाके में रहकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा करे। जोनल प्रभारी अपने अपने क्षेत्र में का भ्रमण करे। बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को तीन जोन व 10 सेक्टर में बांटा गया है। जिसमें 4सीओ, 13 थाना प्रभारी, 80 उपनिरीक्षक, 215 हेड कांस्टेबल, 48 महिला कास्टेबल, तीन उप निरीक्षक यातायात सहित एलआयू की टीम सुरक्षा के लिए लगाई गई है। इस मौके पर कोतवाल श्याम प्रताप पटेल, थानाध्यक्ष भरतकूप उपेंद्र प्रताप सिंह, चौकी प्रभारी सीतापुर नागेंद्र भूषण पांडेय आदि मौजूद रहे।संवाद