चित्रकूट। मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सुबह से ही डीएम, एसपी सहित अन्य अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जुट जाते हैं।
मंगलवार सुबह बाढ़ के बाद जिलाधिकारी पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह रामघाट स्थित बड़ा मठ पहुंचे। जहां पूजा कर रहे पुजारी से हाथ जोड़कर मंदिर से बाहर चलने का निवेदन किया लेकिन पुजारी मंदिर छोड़कर जाने को तैयार नहीं हुए।
डीएम ने कहा कि अपने अन्य साथियों को तो मंदिर से बाहर जाने के लिए कहें, उसके बाद कुछ मंदिर के सदस्य बाहर निकले, लेकिन पुजारी नहीं निकले। पुजारी ने कहा कि भगवान के चरणों में पूरी जिंदगी काटी है तो अब क्यों छोड़कर जाना। इसके बाद प्रशासन लौट आया।
एनडीआरएफ टीम एवं अन्य बचाव दलों को सक्रिय रखते हुए फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। लाउडस्पीकर से लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। नावों के माध्यम से घरों में फंसे लोगों को निकाला जा रहा है।
बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे मंडलायुक्त व डीआईजी
चित्रकूट। मंगलवार सुबह मंदाकिनी के बढ़े जलस्तर से पूरा रामघाट सहित अन्य गांव डूब गए हैं। रामघाट से बेड़ी पुलिया मार्ग पर भी पानी आ गया है। इसको देखते हुए मंडलायुक्त अजीत कुमार व डीआईजी राजेश एस भी रामघाट पहुंचे और बाढ़ के हालात का जायजा लिया।
डीएम पुलकित गर्ग व एसपी अरुण कुमार सिंह से कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करते रहे। जहां अधिक बाढ़ से लोग परेशान हैं, वहां के लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। उनके रहने, खाने, कपड़ों की व्यवस्था करें। डलायुक्त ने कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद सभी के नुकसान का आकलन कराकर मुआवजा दिलाएं। (संवाद)
फोटो 01 सीकेटीपी 03 रामघाट पर लोगों से बाढ़ के बारे में जानकारी लेते मंडलायुक्त व डीआईजी। संवाद
फोटो 01 सीकेटीपी 03 रामघाट पर लोगों से बाढ़ के बारे में जानकारी लेते मंडलायुक्त व डीआईजी। संवाद