चित्रकूट। पूर्व विधायक अब्बास अंसारी पर लगे गैंगस्टर एक्ट की सुनवाई के दौरान गवाह व साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जाने पर विशेष न्यायाधीश रविकुमार दिवाकर की अदालत ने शहर कोतवाल से नाराजगी जताई है। न्यायाधीश ने कोतवाल को एक और अवसर देकर चार जुलाई को साक्ष्य समेत पेश होने के आदेश दिए हैं। इसके लिए कार्रवाई की एक कापी एडीजी जोन प्रयागराज को भी भेजने के लिए कहा है।
विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट की कोर्ट में अब्बास के गैंगस्टर मामले के अधिवक्ता की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। जिसमें कहा गया कि मोहम्मदाबाद जिला गाजीपुर निवासी अब्बास अंसारी तबीयत खराब होने के कारण नहीं आए हैं। आरोपी की हाजरीमाफी स्वीकार किया जाए। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। हालांकि अधिवक्ता ने मौखिक रूप से न्यायालय के समक्ष कहा कि यदि गवाह उपस्थित होकर बयान करवाते हैं तो वह जिरह करने को तैयार हैं।
पत्रावली को देखने से स्पष्ट है कि आज कोई भी गवाह न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं है। आरक्षी पैरोकार वेदांत पांडेय ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वादी मुकदमा कोतवाली प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह सरकारी कार्य में व्यस्त होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके। तीन दिन का समय प्रदान किया जाए।
इस पर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वादी मुकदमा ने कोई भी समुचित आधार न्यायालय में अनुपस्थित रहने के बारे में नहीं बताया। प्रकरण उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 से संबंधित हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि कोतवाल मनमाने तरीके से न्यायिक कार्यवाई अपनी इच्छानुसार संचालित कराना चाहते हैं। चार चुलाई को साक्ष्य के साथ कोर्ट में पेश पेश हो।
वर्जन
इस मामले में एसपी चित्रकूट को नोडल बनाया गया है। ताकि आगे की गवाही को सुनिश्चित किया जा सके। इंस्पेक्टर से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। प्रभावी पैरवी के लिए पत्राचार किया गया है ताकि अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। -डाॅ. संजीव गुप्ता, एडीजी जोन प्रयागराज