चित्रकूट। किसानों को इन दिनों खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है। समितियों किल्लत होने से किसान दुकानों से खाद लेने के लिए मजबूर हैं। दुकानदार न केवल अधिक दाम वसूल रहे हैं, बल्कि खाद के साथ बीज-कीटनाशक दवाएं भी थमा रहे हैं। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
शासन की ओर से आदेश जारी किया गया है कि समितियों के सदस्यों को ही खाद दी जाएगी, जबकि अन्य किसानों को खाद दुकानों से लेनी होगी। इसके चलते किसान बड़ी संख्या में दुकानों से डीएपी खरीद रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह और मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि दुकानों में महंगी खाद दी जा रही है। डीएपी के दाम एक बोरी 266.50 और यूरिया के 1350 रुपये निर्धारित हैं, लेकिन दुकानदार प्रति बोरी दो से तीन सौ रुपये अधिक वसूल रहे हैं। इसके साथ ही बीज-कीटनाशक दवाएं लेने का दबाव भी बनाया जा रहा है।
डीएपी सहित यूरिया नहीं होने की लगाई सूची
कई दुकानों में डीएपी सहित यूरिया नहीं होने की सूची चस्पा कर दी गई है। इससे किसान निराश होकर लौट रहे हैं। शहर के सीआईसी रोड स्थित दुकानदार मूलचंद्र सहित अन्य दुकानों में भी खाद नहीं होने की सूची लगाई गई है।
दुकानदारों की नहीं सुन रहे अधिकारी
बीज-खाद संघ अध्यक्ष रमाशंकर ने बताया कि दुकानदारों को प्रयागराज से खाद लेने के लिए कहा जाता है, जहां से प्रति बोरी दो रुपये महंगी दी जाती है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी हैष इसी कारण दुकानदार डीएपी और यूरिया का आवंटन नहीं उठा रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ला ने बताया कि दुकानों में शासन की तरफ से अलग से डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराई गई है।
जाम लगाकर किया विरोध
सहकारी केंद्रों पर बुधवार को भी खाद के लिए किलंबी लाइनें लगी रहीं। खाद नहीं मिलने पर पहाड़ी क्षेत्र के नांदिन चौराहा में किसानों ने जाम लगाकर विरोध किया। पुलिस पहुंची तो जाम खुलवाया गया। खाद वितरण के लिए 39 केंद्र हैं। जिन केंद्रों पर खाद बंट रही थी, वहां सुबह से ही लाइनें लगी थीं। नांदिन केंद्र पर भीड़ अधिक होने से जब किसानों को खाद नहीं मिली, तो उन्होंने चौराहे पर जाम लगा दिया। थानाध्यक्ष अनुपमा तिवारी मौके पर किसानों से बात की। किसानों को जल्द खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम समाप्त कर दिया गया।