राजापुर (चित्रकूट)। गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर कलवलिया गांव के संदवावीर स्थल में चार हजार साल पहले के जीवन होने के आंशिक प्रमाण मिले हैं। जिसकी जानकारी होने पर राष्ट्रीय पुर्नवास लखनऊ व उत्तर प्रदेश राज्य पुरात्व विभाग ने संयुक्त रूप से खुदाई का कार्य शुरू किया है।। जिसको लेकर क्षेत्र मेें उत्सुकता देखी जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि यहां पर पाषाण कालीन बस्ती बसी थी।
कस्बे से सात किमी दूर स्थित कलवलिया गांव से संदवावीर स्थल पर संभावना जताई जा रही है कि यहां पर प्राचीन पाषाण कालीन के समय बस्ती बसी हुई थी। जो कृषि कार्य के साथ ही पशुपालन का कार्य करती थी। जिसमें ताबे व लोहे का भी प्रयोग किया जाता था। बुधवार को राष्ट्रीय पुर्नवास लखनऊ की डॉ. शकुंतला मिश्रा व डॉ. अवनीश चंद्र मिश्र के साथ उत्तर प्रदेश राज्य पुरात्व विभाग के इलाहाबाद क्षेत्रीय पुरातात्विक अधिकारी डॉ. राम रमेश पाल, डॉ. बृजेश चंद्र और पुरातात्विक विभाग के विधि सलाहकार डॉ. एम सी गुप्ता, तकनीकी विशेषज्ञ वीके खत्ती के नेतृत्व में टीम गांव पहुंची। खनन स्थल पर शिविर लगाकर खनन कार्य शुरू किया है। शिविर के
चित्रकूट। राष्ट्रीय पुर्नवास लखनऊ के डॉ. अवनीश चंद्र मिश्र ने बताया कि बुधवार को प्राचीन स्थल पर खुदाई मेें मिट्टी के बर्तन, प्राचीन मिट्टी, बाल खींचने के उपकरण, व हड्डियों से निर्मित सामग्री मिली है। जिसकी जांच की जा रही है।