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Chitrakoot News: 48 घंटे के बाद भी चार सौ से अधिक गांवों में बिजली संकट

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चित्रकूट/राजापुर/मानिकपुर/खोही/शिवरामपुर। दो दिन पूर्व आई तेज आंधी-बारिश के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी। राजापुर, मानिकपुर, शिवरामपुर और खोही क्षेत्र के चार सौ से अधिक गांवों में 48 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित है। इससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। गर्मी के बीच लोग बिजली के साथ-साथ पेयजल संकट से भी जूझ रहे हैं।
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सबसे अधिक प्रभावित राजापुर क्षेत्र है। जहां करीब 170 गांवों में बिजली गुल है। वहीं मानिकपुर तहसील के मारकुंडी, इटवा डुडैला, बम्भिया, टिकरिया सहित 50 से अधिक गांवों में लगातार 48 घंटे से आपूर्ति ठप है। शिवरामपुर और खोही क्षेत्र में भी हालात गंभीर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली न होने से पानी की मोटरें भी बंद पड़ी हैं। इससे पेयजल संकट गहरा गया है।
लोगों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है। कई गांवों में टंकियां खाली हो चुकी हैं और हैंडपंपों पर भीड़ लगी हुई है। शिवरामपुर के लोगों का आरोप है कि बिजली कभी दो मिनट तो कभी पांच मिनट के लिए आती है और फिर घंटों गायब हो जाती है। शुक्रवार रात पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहा। लोगों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों और जेई को फोन करने पर कॉल रिसीव नहीं हो रही है, जबकि व्हाट्सएप पर शिकायत भेजने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिल रहा।
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खोही और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी 36 घंटे से अधिक समय से बिजली न होने के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। मोबाइल फोन, इन्वर्टर और अन्य आवश्यक उपकरण बंद पड़े हैं। रात में उमस और गर्मी के कारण लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायतों के बाद भी अब तक आपूर्ति बहाल नहीं की गई है और न ही विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी दी जा रही है। अधीक्षण अभियंता आरके यादव ने बताया कि गांवों के रास्ते में टूटे खंभे को ठीक कराकर लाइन सुधारी जा रही है। एक- दो दिन में सभी गांव में बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल हो जाएगी।
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