फोटो 23 सीकेटीपी-3- परिचय- स्मार्ट मीटर लगाता कर्मचारी। संवाद
- फोटो : भंगहा सीएचसी में मेगा स्वास्थ्य शिविर में मौजूद विधायक व अन्य।
चित्रकूट। जिले में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी और भ्रम बढ़ रहा है। विभाग का दावा है कि इससे बिजली चोरी रुकेगी और उपभोक्ताओं को सुविधा मिलेगी, लेकिन लोगों का आरोप है कि बिल अधिक आ रहा है और शिकायतों पर सुनवाई नहीं होती। अब तक आठ हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
बिजली विभाग ने स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जीनस एजेंसी को सौंपा है। एजेंसी के सर्किल इंचार्ज विनय कुमार यादव ने बताया कि फिलहाल पोस्टपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। इनमें सुविधा है कि बिल समय पर न जमा होने पर खाता सौ रुपये तक माइनस में जा सकता है। उपभोक्ता काले बटन को दबाकर अस्थायी रूप से आपूर्ति चालू कर सकता है। पुराने मीटर बदलने या नया कनेक्शन जोड़ने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।
उपभोक्ता नीरज कुमार ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनका बिल पहले से बढ़ गया है। दुकान का औसतन बिल पहले 1500 रुपये आता था, अब 2000 रुपये तक पहुंच रहा है। वहीं जगदीश गंज के गंगाराम गौतम ने बताया कि शुरू में परेशानी हुई, लेकिन विभाग द्वारा चेक मीटर लगाने के बाद बिल सही आने लगा।
एजेंसी के जिला प्रभारी आदेश कुमार ने बताया कि इन मीटरों में पुरानी और वर्तमान रीडिंग साफ दिखाई देती है और रीडर को घर–घर नहीं जाना पड़ता। मुख्यालय से ही बिलिंग का स्वरूप बदला जा सकता है, यानी पोस्टपेड को प्रीपेड में परिवर्तित किया जा सकता है।
अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार ने कहा कि जिले में कुल 1.78 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें से ईडीडी प्रथम क्षेत्र में 7751 और ईडीडी द्वितीय क्षेत्र में 465 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। धीरे-धीरे सभी उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जोड़ा जाएगा।
फोटो 23 सीकेटीपी-3- परिचय- स्मार्ट मीटर लगाता कर्मचारी। संवाद- फोटो : भंगहा सीएचसी में मेगा स्वास्थ्य शिविर में मौजूद विधायक व अन्य।