चित्रकूट। एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को मीटर में लोड कम करने के नाम पर छह हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए बिजली विभाग के बाबू और कंप्यूटर ऑपरेटर को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। टीम दोनों को सदर कोतवाली के बजाय भरतकूप थाना ले गई और वहां मुकदमा दर्ज कराया।
टीम प्रभारी श्यामबाबू ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के रानीपुर भट्ट निवासी बसंतलाल ने घर में लगे मीटर का लोड कम कराने के लिए आवेदन दिया था। इस पर एक्सईएन कार्यालय में तैनात बाबू प्रशांत कुमार और कंप्यूटर ऑपरेटर राजाबाबू त्रिपाठी ने छह हजार रुपये की मांग की। रकम देने से इनकार करने पर उन्होंने काम करने से मना कर दिया। शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। मंगलवार को शिकायतकर्ता को रुपये देने के लिए भेजा गया, और जैसे ही दोनों ने पैसे लिए, टीम ने मौके पर पकड़ लिया। जब उनसे रकम के बारे में पूछा गया तो वे कोई जवाब नहीं दे सके।
सदर कोतवाली की बजाय भरतकूप थाने ले गई टीम
कार्रवाई के बाद टीम ने दोनों आरोपियों को सदर कोतवाली न ले जाकर करीब 18 किलोमीटर दूर भरतकूप थाने ले जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई। टीम को आशंका थी कि यदि आरोपियों को कोतवाली लाया गया तो विभागीय कर्मचारी विरोध कर सकते हैं। यह पहला मौका है जब रिश्वत के आरोपितों को सदर कोतवाली के बजाय अन्य थाने ले जाया गया।
टीम ने पहले भी कई सरकारी कर्मचारी पकड़े
चित्रकूट में एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई लगातार जारी है। 23 सितंबर को टीम ने सदर तहसील के मालबाबू राहुल कुमार और कर्मचारी इश्तियाक को हैसियत प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर छह हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया था। 16 जुलाई को रैपुरा थाने के दरोगा शिवसागर दुबे को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। 25 मई को सरैंया उपकेंद्र के जेई धर्मदास को बिजली कनेक्शन के नाम पर 20 हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया गया था। वहीं 31 मार्च को जेई अरविंद कुमार और लाइनमैन आलोक मिश्रा को 16 हजार रुपये की घूस लेते हुए टीम ने पकड़ा था।