चित्रकूट। राममोहन के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जेई राम भवन व पत्नी दुर्गावती ने पहला 10 मिनट का वीडियो अपलोड कर करीब दो लाख की कमाई थी। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि इस साजिश की रूपरेखा दुर्गावती ने तैयार की थी। उसने ही पहले बच्चों को बुलाना शुरू किया था।
स्थानीय लोगों के मुताबिक दुर्गावती को मोहल्ले के लगभग हर घर की जानकारी थी किस घर में कितने बच्चे हैं, उनकी उम्र क्या है और वह कब घर पर रहते हैं। लोगों को कभी शक नहीं हुआ क्योंकि दंपती के खुद संतान नहीं थी और दुर्गावती अक्सर बच्चों से स्नेहपूर्वक व्यवहार करती थी। बताया जा रहा है कि वह बच्चों को टॉफी, चॉकलेट और अन्य आकर्षक वस्तुएं देकर अपने घर बुलाती थी। पहले उन्हें तरह-तरह के व्यंजन खिलाए जाते। इससे सहज महसूस करें और घर जाकर किसी प्रकार की शिकायत न करें।
पत्नी बनाती थी योजना, पति करता था रिकॉर्डिंग
सूत्रों के अनुसार, दुर्गावती बच्चों को बहला-फुसलाकर आपत्तिजनक हरकतें करती थी और उसी दौरान रामभवन वीडियो रिकॉर्ड करता था। बाद में इन वीडियो को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर अवैध कमाई की जाती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि 10 मिनट के पहले वीडियो से ही उन्हें करीब दो से तीन लाख रुपये की कमाई हुई थी। इसी रकम ने दोनों का लालच कई गुना बढ़ा दिया।
मोबाइल से नहीं बना काम तो रामभवन ने वीडियो गेम बना जाल का जरिया
रामभवन बच्चों की मानसिकता समझ चुका था। पहले उसने बच्चों को मोबाइल देकर फुसलाने की कोशिश की लेकिन हर घर में मोबाइल होने के कारण बच्चों ने कम पसंद किया। तो उसने घर में महंगे वीडियो गेम और गैजेट्स खरीदे। बच्चों को गेम खेलने का लालच देकर घर बुलाया जाता था। पहले बच्चों को गेम खेलने दिया जाता। इसके बाद उनके साथ गंदा काम किया। जब बच्चों द्वारा आवाज उठाई जाती तो उन्हें तरह तरह के महंगे गिफ्ट दिए जाते। मासूम बच्चे इसे सामान्य स्नेह समझते रहे।
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